गावड़ी में महापंचायत के बाद ग्रामीणों ने फिर रोकी कूडे़ की गाडि़यां

कूड़ा प्लांट शुरु ना होने पर ग्रामीणों ने जताया विरोध

शहर में फिर लगने लगे कूड़े के ढेर

Meerut. नगर निगम की लापरवाही और सुस्ती से शहर एक बार फिर कूड़े के ढेर और बेहिसाब बदबू से रुबरु होने जा रहा है. गावड़ी गांव के ग्रामीणों से नगर निगम को मिली 6 सितंबर तक की मोहलत गुरुवार को खत्म हो गई, लेकिन निगम अपने तय समय से गावड़ी में ना तो प्लांट ही शुरु कर सका और ना ही शुरु करने का समय बता पा रहा है. ऐसे में गावड़ी गांव के ग्रामीणों ने महापंचायत कर कूड़ा डलने देने से साफ इंकार कर दिया और नगरायुक्त का पुतला फूंक कर अपना विरोध जताया.

आज शुरु होना था प्लांट

गावड़ी में कूड़ा निस्तारण के लिए 2011 में प्लांट का एग्रीमेंट किया गया था. ग्रामीणों ने इस प्लांट के लिए निगम को जमीन उपलब्ध कराई थी, लेकिन निगम ने प्लांट लगाने के बजाए जमीन पर कूड़े का ढेर लगाना शुरु कर दिया. सात साल से लगातार कूड़ा डलने के कारण गावड़ी में कूडे़ का पहाड़ लग चुका है. आसपास के दो दर्जन से अधिक गांव इसकी बदबू के कारण परेशान हैं. ऐसे में निगम ने एक बार फिर 6 सितंबर तक गावड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट शुरु करने का समय लिया था, लेकिन समय मिलने के बाद भी गावड़ी में केवल कूडे़ का ढेर लगाया गया प्लांट नही शुरु हो सका.

नेताओं में भी रोष

गुरुवार को आयोजित बैठक में ग्रामीणों के पक्ष में सपा नेता अतुल प्रधान, सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने निगम की लापरवाही पर रोष जाहिर करते हुए कहा कि निगम की वजह से आज दो दर्जन से अधिक गांव संक्रमक बीमारी की चपेट में आ चुका है. नगरायुक्त एक दिन गांव में रहकर दिखाए तब यहां की स्थिति का पता चलेगी. महापंचायत में ग्रामीणों की सहमति के बाद गुरुवार से कूड़ा डलना बंद करा दिया. महापंचायत में ओमपाल स्याल, परवीन बाल्मिकी, विनय गुर्जर, यूसुष कुरैशी आदि शामिल रहे. ग्रामीणों ने ऐलान किया कि निगम के विरोध में शुक्रवार को नगरायुक्त की शव यात्रा निकाली जाएगी.

शहर से नही उठ सका कूड़ा

गुरुवार को गावड़ी में ग्रामीणों के विरोध के बाद शहर से कूड़ा लेकर चली गाडि़यों को कूडे़ के साथ ही वापस आना पड़ा. ऐसे में नगर के कई डंपिंग ग्राउंड में कूडे़ का ढेर लगा रहा. शहर के अधिकतर डंपिंग ग्राउंड से कूड़ा नही उठ सका. ऐसे में यदि कूड़ा ना उठना शुरु हुआ तो शुक्रवार से शहर की स्थिति ओर अधिक बिगड़ सकती है.

कूड़ा निस्तारण पर अभी उच्च स्तर पर वार्ता चल रही है. ग्रामीणों से भी बात कर प्रयास किया जा रहा है.

अली हसन कर्नी, अपर नगरायुक्त