--प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना

-लाभुकों को जमा करना होगा 25 हजार, तब होगी बुकिंग स्वीकार

-सब्सिडी के तौर पर मिलेंगे दो से ढाई लाख, 58 हजार आवास बनेंगे

-रांची और धनबाद में नगर आयुक्त, अन्य जिलों में डीसी की अध्यक्षता में होगी कमेटी

रांची : प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लाभुक 15 वर्षो तक न तो अपना आवास बेच सकेंगे और न ही किसी अन्य को ट्रांसफर ही कर सकेंगे. इससे इतर शहरी स्थानीय निकायों में 25 हजार रुपये जमा करने के बाद ही उनकी बुकिंग स्वीकार की जाएगी. आवास योजना के दो घटकों स्व स्थाने स्लम पुनर्विकास योजना तथा भागीदारी में किफायती आवास निर्माण योजना के लाभुकों के लिए यह बाध्यकारी होगा. दोनों ही घटकों में कुल 58010 आवास बनाए जाएंगे. नगर विकास एवं आवास विभाग के अफसरों ने मंगलवार को मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी के समक्ष संबंधित प्रजेंटेशन दिया.

अफोर्डेबल हाउसिंग डेवलपमेंट फंड

अफसरों ने मुख्य सचिव को बताया कि पहले घटक के तहत 15517 तथा दूसरे घटक में 42493 आवासों का निर्माण होगा. पहले घटक पर बतौर राज्यांश और केंद्रांश मद में लाभुकों को एक-एक लाख रुपये की सहयोग राशि मिलेगी. इससे इतर दूसरे घटक में राज्यांश मद में एक लाख तथा केंद्रांश मद में डेढ़ लाख रुपये दिए जाएंगे. विभाग आवासों के निर्माण के लिए झारखंड अफोर्डेबल हाउसिंग डेवलपमेंट फंड का गठन करेगा. आवास आवंटन की कार्रवाई रांची और धनबाद में नगर आयुक्तकी अध्यक्षता तथा अन्य निकायों में उपायुक्तकी अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी. आवासों के गुणवत्ता का थर्ड पार्टी मूल्यांकन होगा, जिसके लिए विभाग कंसलटेंट का चयन करेगा.

लोन पॉलिसी सुधारें

मुख्य सचिव ने इस दौरान आवास योजना के लाभुकों को सहयोग देने के लिए बैंकों को अपनी लोन पॉलिसी को लचीला बनाने का निर्देश दिया. इस बीच विभागीय सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि शहरों में बनने वाले आवासों के लिए तैयार कराए गए डीपीआर का पुनरीक्षण आइआइटी धनबाद से कराया जाएगा. विकास आयुक्तडीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव (वित्त) सुखदेव सिंह, सचिव (राजस्व) केके सोन आदि अफसरों ने बैठक में शिरकत की.

------