-शिक्षक भर्ती के संशोधित रिजल्ट देना होगा बड़ी चुनौती

-कई अन्य प्रशिक्षण प्रोग्राम के भी जारी होने हैं समय से रिजल्ट

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ALLAHABAD: शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े और गड़बडि़यों के खुलासे के बाद डॉ. सुत्ता सिंह को शनिवार को सस्पेंड कर दिया गया. इसके बाद शासन की तरफ से परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में नए सचिव के पद पर अनिल भूषण चतुर्वेदी को तैनात किया गया है. ऐसे में सचिव का पदभार ग्रहण करने वाले अनिल भूषण चतुर्वेदी के सामने कई तरह की चुनौतियां रहेंगी. सबसे बड़ी चुनौती फर्जीवाड़े और गड़बडि़यों की भेंट चढ़ी शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा का संशोधित परीक्षा परिणाम जारी करना है. इसके साथ ही कई अन्य प्रशिक्षण प्रोग्राम के रिजल्ट भी अभी अटके है. उन्हें भी पूर्व निर्धारित समय के अनुसार जारी करना बड़ी चुनौती होगी.

बीटीसी व डीएलएड के अटके हैं रिजल्ट

सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी के सामने शिक्षक भर्ती के साथ ही नियामक प्राधिकारी कार्यालय में चल रहे अन्य कई कार्यक्रमों को समय से पूरा कराने की जिम्मेदारी होगी. इसमें विशेष रूप से बीटीसी 2013, 20114 व 2015 के अलग-अलग सेमेस्टर की परीक्षाओं के परिणाम जारी करना होगा. इससे शासन की मंशा के अनुरूप शिक्षक भर्ती के नए विज्ञापन जारी होने के पूर्व ही परीक्षा परिणाम जारी हो सके. इसके साथ ही डीएलएड 2017 प्रथम सेमेस्टर का रिजल्ट, 15 सितंबर को टीईटी 2018 का विज्ञापन जारी करना, 17 सितंबर से 2018 से टीईटी 2018 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करना समेत अन्य कई प्रोग्राम शामिल है.

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अनिल भूषण से संभाला सचिव परीक्षा नियामक का पद

परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव पद पर अनिल भूषण चतुर्वेदी ने सोमवार की देर शाम पद भार ग्रहण कर लिया. 1995 बैच के पीईएस अधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी अभी तक संयुक्त शिक्षा निदेशक, मेरठ के पद पर तैनात थे. शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े के मामले में तत्कालीन सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी डॉ. सुत्ता सिंह के निलंबन के बाद अनिल भूषण को सचिव बनाया गया. जिसके बाद शासन के निर्देश पर सोमवार की देर शाम इलाहाबाद पहुंचकर उन्होंने पद भार ग्रहण किया. अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बातचीत के दौरान बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी कार्यो को समय से संपादित करना है.