- गुरु ग्रह वृश्चिक राशि अर्थात मंगल की राशि में विद्यमान होने से मिलेगा विशेष फल

-नव वर्ष पौष माह के कृष्ण पक्ष की सफलता एकादशी स्वाति नक्षत्र तुला चन्द्रमा से होगी प्रारंभ

BAREILLY : नववर्ष 2019 मंगलवार से शुरू हो रहा है। अंक ज्योतिष के अनुसार आरम्भ योग 3 है, अंक 3 गुरु ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है अर्थात वर्ष 2019 में गुरु ग्रह का विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा। विशेष बात यह है कि नव वर्ष 2019 का आरम्भ मंगलवार से हो रहा है और गुरु ग्रह वृश्चिक राशि अर्थात् मंगल की राशि में ही विद्यमान हैं, जो विशेष फल की प्राप्ति करवाएगा।

3 सूर्य ग्रहण, 2 चन्द्र ग्रहण होंगे

बालाजी ज्योतिष संस्थान के पं। राजीव शर्मा के अनुसार गुरु अग्नि तत्व की राशि धनु और जल तत्व की राशि मीन का स्वामी है। इसीलिए मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु व मीन राशि वालों के लिए यह वर्ष कुछ विशेष ही रहेगा। नव वर्ष 2019 का शुभारम्भ पौष माह के कृष्ण पक्ष की ''सफला एकादशी'' स्वाति नक्षत्र, तुला के चन्द्रमा से प्रारम्भ होगा। रविवार 6 जनवरी को आंशिक सूर्यग्रहण तथा सोमवार 21 जनवरी को पूर्ण चन्द्रग्रहण पड़ेगा, परन्तु दोनो ग्रहण भारत में अदृश्य होंगे। इस प्रकार वर्ष 2019 में 3 सूर्यग्रहण और दो चन्द्रग्रहण होंगे। जिनमें से केवल 17 जुलाई का आंशिक चन्द्रग्रहण और दिसम्बर 26 का वलयाकार सूर्यग्रहण ही भारत में दृश्य होगा। इसका कुछ अशुभ प्रभाव वर्ष 2019 के उत्तरार्ध में देखने को मिलेगा। वर्ष के आरम्भ में सूर्यदेव के साथ शनिदेव धनु राशि में रहेंगे चन्द्रमा शुक्रदेव के साथ तुला में, मंगल मीन में, बुध गुरु के साथ वृश्चिक में, राहु कर्क राशि में, केतु मकर राशि में रहेंगे। राहु 3 जनवरी 2019 को कर्क राशि के पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करेगा, और 23 मार्च 2019 को कर्क राशि से मिथुन राशि में प्रात: 11:17 बजे प्रवेश करेगा और केतु धनु राशि में प्रवेश करेगा। जोकि वर्ष पर्यन्त तक यहीं रहेगा। शनिदेव 30 अप्रैल को प्रात: 6:24 बजे वक्री होकर धनु राशि से वृश्चिक राशि की ओर अग्रसर होंगे। इसके बाद 18 सितम्बर को दोपहर 2:17 बजे मार्गी होकर वर्षात तक धनु राशि में रहंगे, गुरुदेव 19 मार्च को सायं 8:07 बजे धनु राशि में प्रवेश करेंगे, और 10 अप्रैल को रात्रि 10:30 बजे वक्री होकर 23 अप्रैल को प्रात: 1:11 बजे वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। तदोपरान्त 11 अगस्त को सायं 7:07 बजे मार्गी होकर 5 नवम्बर को प्रात: 5:17 बजे धनु राशि में प्रवेश करेंगे और वर्ष के आखिर तक विराजमान रहेंगे।

3 शनैश्चरी अमावस्या का योग

प्रत्येक वर्ष में 1 अथवा दो शनैश्चरी अमावस्या होती हैं, इस बार नव वर्ष 2019 में तीन शनैश्चरी अमावस्या का विशेष योग बन रहा है। जनवरी माह शनिवार 5 जनवरी, पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या है। इस शनैश्चरी अमावस्या के दिन 3:07 बजे तक मूल नक्षत्र है। दूसरी शनैश्चरी अमावस्या शनिवार 4 मई वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की है, इस दिन 3:47 बजे तक आश्रि्वनी नक्षत्र है। तीसरी शनैश्चरी अमावस्या शनिवार 28 सितम्बर आश्वनी माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन है, इस दिन रात्रि 10:20 बजे तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। ज्योतिष शास्त्रानुसार शनि को प्रसन्न करने के लिए विशेष प्रयोगों में शनैश्चरी अमावस्या को शनि की पूजा-अर्चना, साधना के लिए महत्वपूर्ण, वांक्षित फलदायक माना जाता है।

राशियों पर अलग प्रभाव

मेष- बृहस्पति का गोचर धन लाभ और पारिवारिक सुख देगा, धार्मिक कायरें में खर्च होगा। शनि नवम भाव में भाव वृद्धि में रुकावट डालेगा

वृष- बृहस्पति स्वास्थ्य व पत्‍‌नी से सम्बन्ध अच्छे रखवाएगा, परन्तु अष्टम शनि कायरें में अड़चनें देगा

मिथुन- पदोन्नति, धनलाभ और धार्मिक कायरें में रुचि बढ़ेगी

कर्क- सन्तान सुख प्राप्ति के योग बनेंगे, भाग्य उदय और धन की प्राप्ति होगी। शनि शत्रुहन्ता योग बनाएगा

सिंह- पारिवारिक सुख और पदोन्नति की प्राप्ति होगी। परन्तु संतान की ओर से चिंता रहेगी

कन्या- भाग्य में वृद्धि और धनलाभ होगा, परन्तु कंटक शनि माता के स्वास्थ्य की चिंता देगा, मकान बदलना पड़ सकता है

तुला- साढ़े साती समाप्त होने के कारण रुके हुए कायरें में सफलता प्राप्ति के योग बनेंगे। बृहस्पति मान सम्मान एवं यश में वृद्धि करेगा

वृश्चिक- पत्‍ि‌न और संतान का सुख प्राप्त होगा परन्तु साढ़े साती के चलते कायरें और धन प्राप्ति में बाधायें आयेंगी

धनु- साढ़ेसाती का मध्य होने के कारण स्वास्थ्य खराब रहेगा, धार्मिक कायरें के करने से मानसिक शांति मिलेगी

मकर- साढ़े साति का आरम्भ धन स्वाथ्य एवं मानसिक अशांति देगा, परन्तु बृहस्पिति संतान व पत्‍‌नी का सुख पाप्त करायेगा

कुंभ- बृहस्पति और शनि का शुभ गोचर योग पारिवारिक सुख एवं धनलाभ देगा

मीन- संतान सुख प्राप्त होगा, परन्तु कार्य क्षेत्र में बाधाओं के रहते अधिक मेहनत करनी पडेगी, परन्तु कार्य क्षेत्र में परेशानियों के कारण अधिक मेहनत करनी पड़ेगी।