-एनजीटी की मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष व हाईकोर्ट के रि. जज ने किया कानपुर का निरीक्षण, हर तरफ गंदगी देखकर भड़के

- अफसरों को लगाई लताड़, कहा, हालात सुधारने को अफसरों ने कुछ नहीं किया, कमिश्नर को दिया डेढ़ महीने का वक्त

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KANPUR : हर तरफ गंदगी और जबरदस्त पॉल्यूशन के कलंक के कारण कानपुर पूरी दुनिया में बदनाम है. इस कलंक को मिटाने के लिए कागजों और फाइलों पर बहुत सी योजनाएं भी चल रही हैं लेकिन हकीकत में कुछ नहीं हो रहा है. जिम्मेदार अफसर सिर्फ औपचारिकता निभा रहे हैं. यह हम नहीं बल्कि उ. प्र. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉनीटरिंग कमेटी के प्रेसीडेंट व हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज डीपी सिंह का कहना है. अपनी टीम के साथ कानपुर का निरीक्षण करने पहुंचे डीपी सिंह शहर में गंदगी का हाल देखकर बिफर पड़े. सख्त शब्दों में कहा कि अफसरों ने इस दिशा में कोई काम नहीं किया है. एनजीटी की भेजी एक भी गाइडलाइंस को फॉलो नहीं किया गया. यह बेहद शर्मनाक है. अब नियमों के उल्लंघन पर अधिकारियों की सैलरी काटी जाएगी.

पॉलिटिकल प्रेशर की वजह से

कानपुर में निरीक्षण के दौरान हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज डीपी सिंह ने हैलट, कूड़ा डंपिंग ग्राउंड और टेनरीज का निरीक्षण किया. डंपिंग ग्राउंड पांडु नदी के किनारे होना नियमों के विरूद्ध होने के साथ इसे आपत्तिजनक बताया. उनके साथ पूर्व जज राजेंद्र सिंह भी सदस्य के रूप में मौजूद रहे. सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रि. जज डीपी सिंह ने कड़े शब्दों में बताया कि वही अधिकारी हैं और वही सिस्टम है. पॉलिटिकल प्रेशर की वजह से अधिकारी सही से कार्य नहीं कर रहे हैं. 6 महीने में नगर आयुक्तों का ट्रंासफर कर देना गलत नीति है. भौंती स्थित कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में स्थिति बेहद खराब है. इसके लिए नए सिरे से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इसकी वजह से लोग कैंसर के शिकार हो रहे हैं.

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मैं होता तो सबक सिखा देता ..

जाजमऊ में टेनरीज के इंस्पेक्शन के दौरान लाइट का कनेक्शन कटा हुआ मिला. इस पर उ.प्र. पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पीएम मोदी कहते कुछ हैं और अधिकारी करते कुछ हैं. मैं अगर अब भी हाईकोर्ट में होता तो सबक सिखा देता कि कैसे टेनरी का कनेक्शन काट दिया गया. पॉल्यूशन बोर्ड पूरी तरह से निष्क्रिय है. पूरा प्रदेश इनकी करनी की सजा भुगत रहा है. एनजीटी ने इसीलिए पूरे देश में निरीक्षण के लिए 23 रिटायर्ड जजों को फील्ड में उतारा है.

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हैलट में गंदगी का अंबार

टीम के सभी सदस्य सुबह 10:45 पर चीफ मेडिकल सुपरीटेंडेंट ऑफिस पहुंचे. एलएलआर हॉस्पिटल (हैलट) में कई जगह अव्यवस्था नजर आई. वार्ड के बगल में स्थित ग्राउंड में बिखरा कबाड़ और झाड़ झंखाड़ देकर हैरानी जताई. डंपिंग स्टेशन में सभी बैग के मेडिकल वेस्ट को एक ही बैग में भरने पर एमपीसीसी के सुपरवाइजर को फटकार लगाई. नगर आयुक्त को जच्चा बच्चा हॉस्पिटल के बगल में स्थित कूड़ा घर को हटाने का निर्देश दिया. अधिकारियों से सवाल पर अधिकारी बगले झांकते नजर आए. हैलट में संक्रमण के फैलने का खतरा सबसे ज्यादा है. सर्जरी वार्ड में गंदगी मिली. ओटी में और डस्टबिन रखवाने का निर्देश दिया.

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ये दिए आदेश

-शहर में कहीं भी खुले में कूड़ा नहीं दिखना चाहिए.

-कूड़ा निस्तारण के लिए डेढ़ महीने का अल्टीमेटम

-डंपिंग ग्राउंड में मोटी प्लास्टिक चद्दर से कूड़े को बैरिकेट करें

-कूड़े के ढेरों को कैनवास और शेड से ढका जाए.

-डंपिंग ग्राउंड के पास बह रही पांडु नदी के जल का सैंपल लिया जाए.

-डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन 100 परसेंट किया जाए.

-पार्को में 3 प्रकार के डस्टबिन लगाए जाएं.

-शहर में सभी ओपन डंप डेढ़ महीने में बंद होने चाहिए.

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सीधे करें एनजीटी काे शिकायत

रिटायर्ड जज डीपी सिंह ने कहा कि शिकायत के बाद भी अगर नगर निगम गंदगी की सफाई नहीं करता है तो एनजीटी को सीधे शिकायत कर सकते हैं. इसके लिए upsolidcom.gmail.com और monenv.2018@gmail.com पर कोई भी व्यक्ति फोटो खींचकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है.