- फर्जी दस्तावेजों को बेइमानी से असली रूप में किया पेश

- एंटी करप्शन कोर्ट में दो मार्च से शुरू होगी अभियोजन साक्ष्यों की गवाही

NANITAL: जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन नरेंद्र दत्त की कोर्ट ने सितारगंज-रुद्रपुर एनएच-74 घोटाला मामले में आरोपित बिल्डर प्रिया शर्मा और सुधीर चावला के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं. अदालत ने दोनों की मौजूदगी में आरोप तय किए. डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा के अनुसार अब दो मार्च से दोनों आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में अभियोजन साक्ष्य पेश किए जाएंगे. तय आरोपों में साफ कहा है कि आरोपितों द्वारा आपराधिक साजिश रचकर फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज को असली रूप में पेश कर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया.

सरकार के राजस्व को पहुंचाया नुकसान

आरोपित प्रिया व सुधीर द्वारा 25 जून 2016 को कुंडा, थाना काशीपुर ऊधमसिंह नगर में एनएच-74 चौड़ीकरण में सरकार से अधिक मुआवजा हासिल करने के लिए राजस्व अधिकारी-कर्मचारी, किसानों, बिचौलियों व दलालों से मिलकर बैकडेट में कृषि भूमि को अकृषि घोषित कर कई गुना अधिक मुआवजा प्राप्त कर सरकार को हानि पहुंचाई गई. फाजलपुर महरौला स्थित खेत को अभिलेख में दर्शाते हुए 1450 वर्ग मीटर प्लॉट का सौदा जीशान के साथ तीन करोड़ 62 लाख में किया. जिसका डेढ़ करोड़ एडवांस प्राप्त किया. जबकि यह खेत प्रिया शर्मा के नाम पर दर्ज नहीं था. ग्राम कुंडा के किसान अजमेर सिंह, सुखदेव सिंह आदि पांच भाइयों का खसरा आदि की कृषि भूमि को आपराधिक षड्यंत्र कर बैकडेट में अकृषि में परिवर्तित की गई. जिसका 23 करोड़ मुआवजा भुगतान कराया और 40 फीसद कमीशन बिचौलिए के जरिए हासिल किया. डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा के अनुसार आरोपितों द्वारा लोक सेवक पर भ्रष्ट साधनों का असर डालने के लिए कमीशन लेकर राजस्व अधिकारियों को दिया गया. अदालत द्वारा धोखाधड़ी, षड़यंत्र, दस्तावेजों में हेराफेरी के मामले में आरोप तय किए गए हैं.