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LUCKNOW : हापुड़ में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की पुलिस द्वारा एफआरआई न लिखे जाने के बाद खुद को आग के हवाले करने की सनसनीखेज घटना ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी झकझोर दिया है। आयोग ने सूबे के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस थमाते हुए चार हफ्तों के भीतर इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। साथ ही पीडि़त महिला का इलाज कराने, उसे सुरक्षा मुहैया कराने और उसके पुनर्वास का बंदोबस्त करने को भी कहा है। आयोग ने डीजीपी से इस मामले की जांच की प्रगति और आरोपितों की गिरफ्तारी के बारे में भी बताने को कहा है। आयोग ने यह कार्यवाही मीडिया रिपोर्ट्स का संज्ञान लेकर की है।
तीन साल की बच्ची से ताऊ ने किया दुष्कर्म, हालत गंभीर
दस हजार रुपये में बेचा
आयोग के मुताबिक मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि करीब तीन साल पहले पीड़ित महिला के पति की मृत्यु के बाद उसके पिता और चाची ने उसे गांव के एक युवक को दस हजार रुपये में बेच दिया था। उसे खरीदने वाले युवक ने कई लोगों से उधार ले रखा था इसलिए वह पीड़ित को उनके घरों में काम करने भेजने लगा। इस दौरान उसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर उसका सामूहिक दुष्कर्म भी किया। पीड़ित ने जब इसकी शिकायत पुलिस से करने की कोशिश की पर उसकी एफआईआर नहीं दर्ज की गयी। हर जगह से हारने के बाद उसने निराश होकर आत्मदाह करने की कोशिश की। करीब 80 फीसद जल चुकी पीडि़ता का वर्तमान में दिल्ली में इलाज चल रहा है। वहीं पुलिस ने इस मामले में अब 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

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