कानपुर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देकर अंतरराज्यीय नकली भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन) के एक गिरोह का पर्दाफाश करने में कामयाब रही है। एनआईए ने दो ऐसे लोगों को भी गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में व्यापक रूप से नकली नोट को फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं। बता दें कि एनआईए की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर हरियाणा के गुरुग्राम में एक जगह पर छापेमारी की। इस दौरान उन्होंने फर्जी भारतीय नोट बरामद किये, जिनकी वैल्यू 1.20 करोड़ रुपये है। बरामद किये गए जाली भारतीय करेंसी में सभी नोट 2000 रुपये के हैं। पुलिस ने बताया कि, 'आरोपियों ने नकली नोटों की छपाई के लिए एक लैपटॉप और प्रिंटर खरीदा था। उन्हें 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। हम इस मामले में जांच कर रहे हैं।'


हरियाणा के हैं दोनों युवक

गिरफ्तार किये गए दोनों लोगों की पहचान कासिम और वसीम के रूप में हुई है, जो हरियाणा के मेवात के रहने वाले हैं। दोनों युवकों और जब्त नकली भारतीय नोटों को आगे की जांच के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। इसी तरह की एक और घटना गुजरात से सामने आई है। गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर से एक 21 वर्षीय व्यक्ति को 43.30 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि गुजरात-राजस्थान सीमा पर पुलिस द्वारा लग्जरी बस की जांच के दौरान पूनमचंद शर्मा के पास से 2000 रुपये के 2165 जाली नोट जब्त किए गए। ऐसा बताया जा रहा है शर्मा सूरत के रहने वाले एक नरेंद्र गुरवा को पार्सल पहुंचाने जा रहा था। पुलिस को शक है कि शर्मा गुरवा के लिए काम करता है, क्योंकि दोनों राजस्थान से हैं।

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