रांची : राज्य में नक्सलियों की अवैध वसूली व लेवी से संबंधित मामलों की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने 21 कांडों पर पुलिस मुख्यालय से रिपोर्ट मांगी है. इन कांडों में अधिकतर मामले चतरा के टंडवा, गिरिडीह के मधुबन व डुमरी, रांची के बेड़ो, लातेहार व अन्य जिलों से संबंधित है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी की इस मांग पर पुलिस मुख्यालय ने प्रवर्तन निदेशालय के संयुक्त निदेशक संजय लावनिया को पत्र लिखा है. पत्र में आग्रह किया है कि झारखंड में नक्सलियों के मनी लांड्रिंग से संबंधित रिपोर्ट एनआइए को उपलब्ध करवा दिया जाए, ताकि जांच एजेंसी को अनुसंधान में मदद मिल सके. गौरतलब है कि नक्सलियों के पास अरबों रुपये की संपत्ति मामले की जांच में झारखंड पुलिस के साथ-साथ एनआइए व प्रवर्तन निदेशालय की टीम भी लगी हुई है. दो साल के भीतर राज्य में 21 नक्सलियों की संपत्ति की जब्ती हुई है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है.

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जिनके बारे में ईडी से मांगी गई है कार्रवाई की रिपोर्ट

गिरिडीह के दो नक्सली झरीलाल महतो व मनोज चौधरी की ढाई करोड़ की संपत्ति हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने जब्त किया है. इसके अलावा राज्य में अन्य 19 कुख्यात नक्सली रोहित यादव, नुनूचंद महतो उर्फ नुमा उर्फ गांधी, रणविजय महतो उर्फ नेपाल महतो, सत्यनारायण रेड्डी, कुंदन यादव उर्फ कुंदन जी, मनोज कुमार, अभिजीत यादव उर्फ बनवारी उर्फ महावीर, रविंद्र गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू, टीपीसी के रिजनल कमांडर आक्रमण जी उर्फ रवींद्र गंझू उर्फराम विनायक सिंह भोक्ता, लक्ष्मण गंझू, अमर सिंह भोक्ता उर्फ गगन गंझू, भीखन गंझू उर्फ दीपक भोक्ता, कमलेश गंझू, श्याम भोक्ता उर्फ डीसी, पीएलएफआइ के दिनेश गोप, जोनल कमांडर जीदन गुडि़या, गुज्जू गोप उर्फ दादा, तिलकेश्वर गोप व राजेश गोप शामिल हैं, जिनकी संपत्ति को झारखंड पुलिस ने ईडी के सहयोग से जब्त किया है.

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