JAMSHEDPUR: किसी ने ठीक ही कहा कि प्रतिभा अपना स्थान प्राप्त कर ही लेती है. फिर चाहे रास्ते में कितनी भी मुश्किलें ही क्यों न हो. इस बात को एक बार फिर आदित्यपुर स्थित एनआईटी के नेत्रहीन छात्र सौंदर्य ने साबित कर दिया. सौंदर्य ने पोलैंड में हुए 10वें अंतर्राष्ट्रीय ब्रेल चेस प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीत कर संस्थान और प्रदेश का नाम रोशन किया हैं. ऐसा करने वाले वह वह देश के पहले नेत्रहीन छात्र बन चुके हैं. बचपन से ही पढ़ने में ब्रिलियंट सौंदर्य ओडीसा के बरग्रह जिले के रहने वाले हैं. सौंदर्य ने मैट्रिक परीक्षा में 86 और इंटरमीडिएट में 83 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. उन्होंने 2018 की जेईई मेंस निकालकर एनआईटी जमशेदपुर में कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रहे हैं.

जन्म से ही दोनों भाई हैं नेत्रहीन

सौंदर्य कुमार और उनके भाई प्रधान दोनों ही बचपन से ही नेत्रहीन हैं. उनके बड़े भाई चार्टर्ड अकाउंटेंट के फाइनल ईयर के छात्र हैं. दोनों भाइयों ने अपनी सबसे बड़ी कमजोरी को ही अपनी ताकत बना ली हैं. वह दोनों ग्रैंडमास्टर बनने का सपना संजोए हैं. सौंदर्य ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद और डेविड हॉकिंस और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को आदर्श आदर्श मानते हैं.

आवाज सुनकर कंप्यूटर पर टाइप करते हैं सौंदर्य

एनआईटी कंप्यूटर साइंस के स्टूडेंट सौंदर्य मोबाइल और कंप्यूटर को तेजी से चला लेते हैं. एनआईटी जमशेदपुर के प्रोफेसर नाम विनोय शर्मा ने बताया कि सौंदर्य बोली हुई बात को तुरंत कम्प्यूटर में टाइप कर लेता हैं. जिससे उसे पढ़ने में आसानी होती हैं. वह जेईई की परीक्षा पास करके एनआईटी में एडमीशन लिया है.