क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : साउथ इस्टर्न रेलवे का रांची डिवीजन लगातार उपलब्धियां हासिल कर रहा है. लेकिन यहां के स्टाफ्स को ही बेहतर सुविधा देने में रेल प्रबंधन नाकाम साबित हो रहा है. इसका जीता जागता उदाहरण नार्थ रेलवे कालोनी रांची में देखने को मिला, जहां कॉलोनी में कचरे का ढेर जमा है. एक महीने से कचरा नहीं उठाए जाने के कारण वहां रहने वाले लोगों की जिंदगी नर्क बन गई है. अब तो स्थिति यह है कि पास से गुजरना भी लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है. ऐसे में लोगों ने यूनियन से मदद की गुहार लगाई है.

100 से अधिक परिवार

नार्थ रेलवे कॉलोनी में 100 से अधिक परिवार रहते हैं. इसमें एक तरफ रेलवे क्वार्टर है. वहीं दूसरी ओर अपने घरों में लोग रहते हैं. लेकिन कचरा के कारण लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है. दुर्गध के कारण वे खिड़कियां खोलने से भी डरने लगे हैं. अगर जल्द ही कचरा नहीं उठाया गया तो महामारी वाली स्थिति उत्पन्न हो जाएगी. इसके बावजूद प्रबंधन को लोगों की इस परेशानी से कोई लेना-देना नहीं है.

पहले भी पानी की समस्या

रेलवे कॉलोनी में रहने वाले लोगों की समस्याओं पर कभी प्रबंधन ध्यान नहीं देता है. इससे पहले भी क्वार्टर में पानी की समस्या से लोग जूझ रहे थे. वहीं कई क्वार्टरों में कीड़े वाला पानी आ रहा था. जिससे कि लोग काफी परेशान थे.

क्वार्टर की गिर रही सीलिंग

क्वार्टरों की स्थिति भी काफी जर्जर हो चुकी है. कई क्वार्टरों में सीलिंग गिर रही है तो कई दीवारों में शिपेज हो रहा है. इतना ही नहीं, सीलिंग गिरने से क्वार्टर में रहने वाले लोग दहशत में हैं. उन्हें डर सताता रहता है कि कहीं सीलिंग उनपर न गिर जाए.