क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : सदर का सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल सिर्फ दिखावे का है. यहां सुविधाएं प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स सरीखी ही उपलब्ध है. खास बात है कि यहां इलाजरत मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ का सिलसिला बदस्तूर चलता आ रहा है. अब देखिए ना. मरीजों को जहां हाइजेनिक भोजन दिया जाना है, लेकिन जिस स्टोर में ये भोजन रखे जाते हैं, वह ही हाइजीन नहीं है. मरीजों के भोजन को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज तक की व्यवस्था नहीं है. इस वजह से फल और सब्जियां रखे-रखे ही खराब हो जाती है. लेकिन, ये सड़े फल व सब्जियां कई बार मरीजों को परोस दी जाती है. लेकिन, हॉस्पिटल मैनेजमेंट का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है.

एक ही कमरे में सभी सामान

सदर के सुपरस्पेशियलिटी में इलाजरत मरीजों के भोजन को रखने के लिए शायद जगह की कमी है, शायद इसीलिए ग्राउंड फ्लोर के एक ही कमरे में आटा-चावल-दाल के साथ फल, हरी सब्जियां समेत तमाम आइटम्स रख दिए जाते हैं. इतना ही नहीं, ये सभी सामान कई-कई दिनों तक यूं ही पड़े रहते हैं, जिसके कारण उनके खराब होने की आशंका बनी रहती है. अगर एक भी सामान खराब हुआ तो इसका असर दूसरे सामानों पर पड़ता है. ऐसे में अगर ये ही सामानों से बने भोजन मरीजों को परोसा जाए तो उनकी सेहत सुधरने के बजाय और बिगड़ जाएगी. मालूम हो कि यहां हर दिन 100-120 मरीजों का भोजन बनता है.

नहीं है कोल्ड स्टोरेज, खराब हो रहे फल-सब्जी

अधिक मात्रा में फल व सब्जियों को सुरक्षित तरीके से स्टोर करने के लिए कोल्ड स्टोरेज का होना जरूरी है. लेकिन, सुपरस्पेशियलिटी के चालू हुए एक साल हो चुके हैं, एक कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था नहीं की जा सकी है. ऐसे में फल-सब्जियों के खराब होने की आशंका अक्सर बनी रहती है. खास बात है कि इन्हीं सामानों से बना भोजन मरीजों को परोसा जा रहा है.