सीएम के क्षेत्र में 100 बेड के अस्पताल के प्रस्ताव से विभाग परेशान

-डोईवाला के सीएचसी को 100 बेड का बनाने का है प्रस्ताव

- सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं संसाधन

DEHRADUN : सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत के विधानसभा क्षेत्र डोईवाला के सीएचसी को अपग्रेड करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग पसोपेश में है. चर्चा है कि फ्0 बेड के इस सीएचसी को क्00 बेड का बनाने का प्रस्ताव किया जा रहा है. हालांकि अब तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस तरह का कोई आदेश नहीं मिला है, लेकिन अधिकारी कहते हैं कि इस तरह की चर्चाएं पिछले कुछ दिनों से जोर पकड़ रही हैं. अधिकारियाें का कहना है कि यदि वास्तव में इस तरह के आदेश मिलते हैं तो यह एक कठिन काम साबित होगा.

सीएचसी के ठीक नहीं हैं हालत

डोईवाला सीएचसी फिलहाल बेहद खराब हालत में है. कुछ समय तक यह अस्पताल पीपीपी मोड में चलाया जा रहा था, लेकिन विवाद होने के कारण बाद में इसे अपने अधीन ले लिया. इस अस्पताल को चला रही कंपनी ने यहां स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की व्यवस्था की थी. इनमें से कुछ डॉक्टरों को इसी अस्पताल के लिए तैनात किया गया था, जबकि कुछ अन्य अस्पतालों से पार्ट टाइम जॉब करने के लिए आते थे. तब फ्0 बेड के इस सीएचसी में न सिर्फ हर रोज सैकड़ों मरीज आते थे, बल्कि कई तरह के ऑपरेशन भी होते थे.

अब केवल तीन डॉक्टर

सीएचसी में 8 डॉक्टरों के पद मंजूर हैं, लेकिन फिलहाल केवल फ् डॉक्टर ही काम कर रहे हैं. अन्य स्टाफ की भी भारी कमी है. इस अव्यवस्था के कारण अस्पताल में फिलहाल सभी तरह के ऑपरेशन बंद हैं और ओपीडी भी नाममात्र की ही रह गई है. ज्यादातर मरीज अब या तो प्राइवेट अस्पतालों में जा रहे हैं या फिर दून अस्पताल का रुख करते हैं.

आसान नहीं क्00 बेड का बनाना

फिलहाल फ्0 बेड के इस अस्पताल को चलाने के लिए ही स्वास्थ्य विभाग के पास संसाधन नहीं है. नियमानुसार फ्0 बेड के सीएचसी में कम से पांच स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का होना जरूरी है. ऐसे में इसे क्00 बेड का बनाने का प्रस्ताव हुआ तो स्वास्थ्य विभाग के लिए इसके लिए संसाधन जुटाना काफी कठिन हो जाएगा.

म् सब डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल्स में बढ़ेंगी सुविधाएं

स्वास्थ्य विभाग फिलहाल डोईवाला सीएचसी की चिन्ता छोड़कर दून के म् सब डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल्स में सुविधाएं बढ़ाने की कवायद में जुटा हुआ है. मसूरी, ऋषिकेश, प्रेमनगर और कोरोनेशन अस्पताल से उनकी जरूरतों के संबंध में ब्योरा मांगा गया है. दून अस्पताल और दून महिला अस्पताल से जिला अस्पताल का दर्जा छिनकर इनके मेडिकल कॉलेज अस्पताल बन जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग चार सब डिस्ट्रिक्ट अस्पतालों पर फोकस कर रहा है.

डोईवाला सीएचसी अभी फ्0 बेड का है, हालांकि फ्0 बेड के लिए भी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. इसे क्00 बेड का बनाये जाने संबंधी कोई आदेश हमें प्राप्त नहीं हुए हैं, हालांकि इस बारे में चर्चाएं काफी चल रही हैं. अभी स्वास्थ्य विभाग को संसाधनों की जो कमी है, उसे देखते हुए डोईवाला सीएचसी को क्00 बेड का बनाना आसान काम नहीं है.

डॉ. टीसी पंत, सीएमओ