RANCHI: राजधानी में डेंगू और चिकनगुनिया का कहर जारी है. मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. ऐसे में रांची नगर निगम का पूरा फोकस सिर्फ प्रभावित इलाकों में ही है. जहां रेगुलर सफाई से लेकर फॉगिंग का भी काम चल रहा है. इससे पूरे शहर में फॉगिंग ठप हो गई है. इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. अगर जल्द ही सिटी के सभी इलाकों में रेगुलर फॉगिंग नहीं कराई जाती है तो पूरा शहर डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया की चपेट में होगा. बताते चलें कि अब तक शहर में लगभग 250 डेंगू-चिकनगुनिया के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है.

रोस्टर बना आईवॉश, मच्छरों का प्रकोप

रांची नगर निगम में सिटी के सभी इलाकों में फॉगिंग करने को लेकर रोस्टर तैयार किया गया था. इसके तहत हर वार्ड में हफ्ते में दो दिन फॉगिंग कराई जानी थी. कुछ दिन तो सबकुछ ठीक चला. लेकिन आज भी सिटी के 60 परसेंट इलाकों में फॉगिंग का नामोनिशान नहीं है. इस वजह से अधिकतर इलाकों में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है.

हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार

पिछले साल मच्छरों के आतंक से परेशान हाईकोर्ट के जस्टिस ने सिटी में फॉगिंग को लेकर रांची नगर निगम के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी. साथ ही उन्हें आदेश दिया था कि अगर जल्द ही मच्छरों का आतंक कम नहीं होता है तो अधिकारियों को भी मच्छर वाले इलाकों में छोड़ दिया जाएगा. तब उन्हें आम जनता को होने वाली परेशानियों का अहसास होगा. इसके बाद अधिकारी रेस हुए थे और रेगुलर फॉगिंग कराई जा रही थी. लेकिन कुछ दिनों के बाद फिर से वही स्थिति हो गई.

वीआईपी इलाकों में भी रेगुलर फॉगिंग

फॉगिंग के लिए हर एक गाड़ी को रांची नगर निगम से 80 लीटर डीजल दिया जाता है. इसके साथ ही फॉगिंग के लिए एक लिक्विड भी दिया जाता है. जिसे मिलाकर सिटी में फागिंग कराई जानी है. इसके बावजूद पूरे शहर को छोड़ केवल प्रभावित इलाकों को फोकस कर दिया गया है. जहां दिनभर में दो-दो बार फॉगिंग कराई जा रही है. वहीं मच्छरों का लार्वा नष्ट करने के लिए स्प्रे भी कराया जा रहा है. इतना ही नहीं, वीआईपी इलाकों में भी फॉगिंग में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है, क्योंकि अगर उन्हें मच्छरों ने काट लिया तो अधिकारियों की खैर नहीं.

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इन इलाकों में नहीं हो रही फॉगिंग

विद्यानगर रोड नंबर 1,2,3

शिवशक्ति नगर, कोकर

शिवशक्ति नगर, देवी मंडप रोड

हरमू कॉलोनी

टैगोर हिल, मोरहाबादी

चुटिया

बरियातू

दीपाटोली, बांधगाड़ी

दयाल नगर, पिस्का मोड़

रिम्स

स्टेशन रोड, चुटिया

कडरू

यूनिवर्सिटी कॉलोनी, बरियातू

गांधीनगर, कांके

लोअर कुसई

सरोवर नगर, देवी मंडप रोड

कोकर

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क्या कहती है पब्लिक

हमारे एरिया में तो फॉगिंग के लिए गाड़ी कब आई थी याद भी नहीं है. इस वजह से मच्छर काफी बढ़ गए हैं. रेगुलर फॉगिंग होती तो इतने मच्छर तो नहीं आते. घर में तो बैठना भी मुश्किल हो जाता है. मंत्री से लेकर अधिकारी तक को इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए.

आनंद कुमार

फॉगिंग गाड़ी कब आई थी, यह तो याद नहीं. लेकिन महीनों से उसे देखा भी नहीं है. आखिर निगम के अधिकारी करते क्या हैं. इन्हें जब मंत्री की फटकार लगती है तो नींद खुल जाती है. अगर ये लोग अपना काम करें तो ऐसी नौबत ही नहीं आएगी.

मनोज कुशवाहा

पब्लिक को मच्छर काटे तो कोई दिक्कत नहीं. लेकिन वीआईपी को अगर मच्छर काट ले तो अधिकारी की क्लास लग जाती है. अगर अधिकारियों को रेगुलर काम करने का आदेश दिया जाए और पल-पल की मॉनिटरिंग हो तो ऐसी स्थिति ही नहीं होगी.

रवि राज मिश्रा

पहले से फॉगिंग कराई जाती तो डेंगू और चिकनगुनिया फैलते ही नहीं. जब बीमारी सामने आई तो नगर निगम सफाई करा रहा है. फॉगिंग के साथ स्प्रे भी कराया जा रहा है. बाकी के दिन में नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी कहां थे, जब लोग कंप्लेन कर रहे थे.

किशोर झा

फॉगिंग तो केवल दिखावा है. अगर रेगुलर फॉगिंग होती तो मच्छर नहीं पनपते. अब फॉगिंग हो भी रही है तो केवल प्रभावित इलाके में. हमारे एरिया में तो पहले जैसे ही मच्छरों का आतंक है. हमलोग तो रात में बिना मच्छरदानी के सो भी नहीं सकते.

राहुल शर्मा

वर्जन

पूरी सिटी में फॉगिंग रेगुलर कराने का आदेश दिया गया है, जबतक कि बीमारी का प्रकोप जारी है. इतना ही नहीं, संबंधित अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि फॉगिंग और स्प्रे किसी भी हाल में न रुके.

-आशा लकड़ा, मेयर, रांची