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एनसीआर दर्ज हुए हैं पिछले एक माह में जिले के सभी थानों में

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एफआईआर दर्ज हुए हैं पिछले एक माह में जिले के सभी थानों में

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एसएसपी ने सभी थानों में एनसीआर की बजाय सीधे एफआईआर के दर्ज करने के निर्देश दिए हैं

छोटे से लेकर बड़े स्तर के अपराध के साथ ही अब दो पक्षों में बहस होने पर भी एफआईआर ही दर्ज होगी

ajeet.singh@inext.co.in

ALLAHABAD: अब थाने पर नो एनसीआर, सीधे एफआईआर की स्कीम जिले के थानों पर लागू की गई है. इसे हाल ही में एसएसपी ने लागू किया है. इस स्कीम से जिले में एक तरफ पीडि़त पक्ष को न्याय मिलने की बात कही जा रही है तो दूसरी ओर से इससे अपराध पर लगाम लगने की उम्मीद भी जताई जा रही है.

नहीं हो पाती थी कड़ी कार्रवाई

बता दें कि एनसीआर यानी नॉन क्रिमिनल रिपोर्ट ऐसी रिपोर्ट होती जिसमें पुलिस सीधे हस्तक्षेप नहीं करती है. इसकी विवेचना भी नहीं की जाती है. इसकी विवेचना के लिए कोर्ट से आदेश कराना पड़ता है. अब तक दो पक्षों के बीच कहासुनी या मामूली झगड़े को पुलिस एनसीआर दर्ज कर निपटा देती थी. एनसीआर में न तो मुकदमा अपराध संख्या होती थी और न ही धारा लगाई जाती थी. इसकी वजह से इसमें आरोपित पक्ष पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती थी.

बढ़ता था आरोपितों का मन

इसका फायदा उठाकर आरोपित पक्ष केस से बरी हो जाता था. इसके चलते कई बार विवाद करने वाले शख्स मनबढ़ हो जाते थे. यही नहीं वादी पक्ष द्वारा पीडि़त पक्ष को एनसीआर का हवाला देकर धमकाया और डराया भी जाता था. इस प्रकार कई प्रकरण पुलिस और जनता के सामने आ चुके हैं, लेकिन अब नई व्यवस्था में पुलिस किसी भी मामले में एनसीआर न दर्ज कर सीधे आरोपित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करेगी.

एसएसपी ने दिया आदेश

जिले में लगातार बढ़ती एनसीआर की संख्या और मामलों को देखते हुए लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए एसएसपी नितिन तिवारी ने अब सभी तरह के विवाद पर एफआईआर यानी प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है. एसएसपी द्वारा यह व्यवस्था थाने की पुलिस द्वारा शुरू करा दी गई है. एसएसपी की तरफ से सभी पुलिस अधिकारियों, सीओ और थानेदारों को आदेश भेजा जा चुका है. इस व्यवस्था के शुरू होने पर अब थाने की पुलिस द्वारा तत्काल एफआईआर दर्ज करेगी और उस मुकदमे की विवेचना करते हुए आरोप पत्र कोर्ट में पेश करेगी. कोर्ट द्वारा आरोप साबित होने पर आरोपित को दंड भी मिलेगा. जनपद के पुलिस अधिकारियों का मानना है कि एसएसपी द्वारा शुरू की गई इस व्यवस्था के जरिए अपराधियों पर जल्द लगाम लग सकेगी और साथ ही पीडि़त पक्ष को न्याय मिलेगा.

जनपद के समस्त थानों पर अब सभी तरह के विवाद में एनसीआर की बजाए सीधे एफआईआर दर्ज होगी. इस व्यवस्था के शुरू होने से अपराध और अपराधियों पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा.

नितिन तिवारी, एसएसपी