क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: साल भर पहले तक राजधानी के लोगों ने बहुत शौक से बिजली ऑफि स में पहुंचकर सब्सिडी पर ट्यूब लाइट व एलईडी बल्ब खरीदे थे. लेकिन अधिकतर लोगों के ट्यूबलाइट और बल्ब खराब हो चुके हैं. लोग जब बिजली विभाग के ऑफि स में जहां से बल्ब खरीद कर लाए थे वहां पहुंच रहे हैं तो कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं है. बिजली विभाग के अधिकारी भी यह कहते हुए पल्ला झाड़ रहे हैं कि कोई एजेंसी थी जिसने लोगों को बल्ब बेचा है अब एजेंसी यहां से चली गई है. लोगों को परेशानी यह हो रही है कि बल्ब और ट्यूब लाइट तो ले लिया लेकिन खराब होने के बाद उसका क्या करें. जबकि बल्ब लेते समय कंपनी ने तीन साल की वारंटी का पत्र भी साथ में दिया था. कहा गया था कि तय अवधि के अंदर खराब होने पर एक्सचेंज कर दिया जाएगा.

कैंप लगाकर बेचा था

झारखंड बिजली वितरण निगम के रांची में जितने भी कार्यालय हैं, वहां पर कैंप लगाकर एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनर्जी एफि सिएंसी सर्विसेज लिमिटेड(ईईसीएल) ने बेचा था. शुरुआती दौर में बल्ब वितरण के साथ-साथ इन्हें बदलने की भी सुविधा थी, लेकिन फि लहाल इन्हें बदलने के सभी काउंटर बंद हैं. जबकि जिस समय बल्ब और ट्यूब लाइट बेचे जा रहे थे उस समय इसका जोर शोर से प्रचार प्रसार भी किया गया था. लेकिन इसकी गुणवत्ता इतनी खराब निकली कि कम समय में ही यह बल्ब फ्यूज होने लगे और अब लोगों के पास कोई सुविधा भी नहीं है कि वो इसे लौटा सकें.

27 लाख बल्ब बिके थे

जिस समय सरकार ने बल्ब बांटने की योजना की शुरूआत की थी, उस समय इसका बहुत क्रेज था. हर घर में लोग दस-दस बल्ब तक खरीद रहे थे. रांची जिले में ही करीब 27 लाख बल्ब बिके थे.

वर्जन

भारत सरकार के अभियान में हमलोग जुड़े थे, इसलिए कुछ काउंटर बंद कर दिए गए थे. अब एक सप्ताह के अंदर सभी काउंटर दोबारा शुरू होने वाले हैं. लोगों की शिकायतें दूर कर ली जाएंगी.

-नेहा भटनागर, पीआरओ, ईईएसएल