- हैदरगंज द्वितीय वार्ड के मायापुरम मोहल्ले की हकीकत

- नाली की व्यवस्था न होने के कारण खाली प्लाटों में जमा हो रहा पानी

- रोड पर गड्ढों के कारण आम लोगों का आना जाना दूभर

lucknow@inext.co.in

LUCKNOW : राजधानी लखनऊ को वैसे तो प्रदेश का सबसे डेवलप सिटी माना जाता है. यहां पर बिजली, पानी, रोड और दूसरी जरूरी सुविधाएं हर आम लोगों तक पहुंचाने के दावे की किए जाते हैं, लेकिन इसी राजधानी में चंद किलोमीटर के दायरे में स्थित एक एरिया ऐसा भी है, जहां पर अभी तक विकास की बात तो दूर यहां पर रोड के नाम पर ठीक से ईटों का खड़ंजा तक नहीं है. ऐसी ही स्थिति हैदरगंज द्वितीय वार्ड के मायापुरम की है. इस क्षेत्र में एक भी रोड आज तक नहीं बनी है. जबकि पारा के पास निकल रहे मेन हाईवे से यह एरिया मात्र चंद कदमों के दूरी पर स्थित है. इस इलाके के लोग मुख्य मार्ग तक जाने के लिए काफी जद् दोजहद कर रहे हैं. मंगलवार को जब आई नेक्स्ट की टीम यहां पहुंची तो स्थानीय लोगों ने एक-एक करके इस क्षेत्र की समस्याओं का पिटारा खोल दिया.

रोड का नामो निशान तक नहीं

मायापुरम कॉलोनी आलमनगर स्टेशन व बुद्धेश्वर मंदिर के बीच मोहान रोड पर स्थित है. इस कॉलोनी को बसे हुए लगभग दस वर्ष हो चुके हैं. इस कॉलोनी में अभी तक मूलभूत सुविधाएं तक नहीं पहुंच सकी हैं. जैसे रोड, सीवर लाइन, पीने का पानी आदि. जिससे इस कालोनी में बहुत गंदगी फैल रही है. थोड़ी भी बारिश होने पर लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है. इसके लिए कई बार क्षेत्रीय पार्षद से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों तक शिकायत भेज चुकी है पर कोई सुनवाई अभी तक नहीं हुई.

रोड के नाम पर खड़ंजा

मायापुरम में रहने वाले डॉ. एलपी रावत बताते है कि इस वार्ड की हालत ऐसी है इस पूरे एरिया में एक भी पक्की रोड नहीं है. मेन रोड से जोड़ने वाली सड़क ईटों की बनी हुई है. जिसमें भी काफी बड़े-बडे़ गढ्ढे हैं. साथ ही मेन रोड से अंदर आने के बाद क्षेत्र में जितनी भी सड़कें हैं वह सभी कच्ची हैं. इस कारण इन रोडों पर हर समय पानी भरे रहने के कारण गंदगी रहती है. साथ ही पूरे क्षेत्र का गंदा पानी निकलाने के लिए एक भी नाली नहीं बनी है. जिस कारण से पूरे क्षेत्र का गंदा पानी आसपास बने गड्ढों में जमा रहती है.

गंदगी का लगा अंबार

क्षेत्रीय निवासी राम नरेश ने बताया कि अभी कुछ दिन पहले हुई बारिश का पूरे शहर में कोई खास फर्क नहीं पड़ा लेकिन हम लोग अभी तक उस बारिश के चलते परेशान हैं. आलम यह है कि बारिश होने के कारण आज भी सभी सड़कों पर कीचड़ जमा है. उन्होंने बताया कि पूरे क्षेत्र में एक भी नाली नहीं है. लोगों ने अपने घरों का पानी निकालने के लिए खुद ही नाली बना ली है पर वह घर के पास के खाली प्लाटों में गंदा पानी जमा होता है. उनकी निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है.

सीवर लाइन भी नहीं

यहां पर सीवर लाइन का अभाव होने के चलते क्षेत्रवासियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. इस क्षेत्र की सभी सड़कें उबड़-खाबड़ हैं. सड़क चौड़ी भी नहीं हैं, ऐसे में अगर एक गाड़ी निकलती है तो दूसरी गाड़ी को जाने का रास्ता नहीं होता. यह इस क्षेत्र में रोज की समस्या बनी है. मेन रोड से सटी गलियों की सड़के काफी नीची है. लोग अपने पैसों से इन रोडों को भरवाकर ऊंचा कर रहे हैं. पर उनकी समस्या यहां भी खत्म नहीं हो रही है. घर का शौचालय व बाथरूम का गंदा पानी निकालने के लिए सीवर न होने से उनकी यह कोशिश भी अधूरी ही लग रही है.

'वोट नहीं दिया तो काम कैसा'

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की पार्षद पलक रावत जब से जीती हैं. वह क्षेत्र में काम कराने से लगातार इंकार करती रहती हैं. उनका ज्यादातर काम उनके पति तारा चंद्र रावत ही देखते हैं. लोगों ने आरोप लगाया कि उनका कहना है कि इस क्षेत्र से हमको मात्र 18 वोट मिले हैं. इसलिए यहां पर काम नहीं होगा. हमारा पूरा ध्यान उस क्षेत्र पर जहां पर हमको सबसे ज्यादा वोट मिले हैं. इतना ही नहीं लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली के खंभे तो हैं पर उन पर तार नहीं है. लेकिन पार्षद पति ने इन सभी खंभों पर अपनी पार्षद पत्‍‌नी और अपना नाम जरूर पेंट करा दिया है. पार्षद पति काम कराने के नाम पर लोगों को साफ मना कर देते हैं.

हर साल फैलती हैं बीमारियां

यहां के लोग बताते हैं कि इस क्षेत्र के अधिकतर इलाके नालों से निकला पानी आसपास जमा है. जहां गंदगी कभी साफ नहीं की जाती. कभी-कभी सफाई कर्मी आते तो हैं, लेकिन थोड़ी-बहुत साफ-सफाई करके फिर गायब हो जाते हैं. गंदगी बहुत ज्यादा होने की वजह से हर साल यहां लोग बीमार होते हैं. सबसे ज्यादा बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है. हर जगह कूड़ा और गंदगी का अंबार लगा हुआ है. बच्चे खेलने जाएं तो कहां.

नागरिकों का दर्द

इस इलाके में सबसे बड़ी समस्या यहां पर एक भी पक्की रोड न होना है. इस कारण से लोग इस क्षेत्र में आने से इंकार करते हैं. ज्यादातर रोड पर पानी जमा है.

- राम नरेश

पूरा क्षेत्र घूम ली जिए एक भी नाली नहीं मिलेगी. सभी घरों का गंदा पानी उन्हीं के घर के पास बनाए गए गड्ढ़ों में जमा होता है. जिस कारण से बीमारियां फैलती है.

- रंजीत कुमार

पानी की समस्या यहां सबसे ज्यादा है. कभी-कभी इतना गंदा पानी आता है कि छुआ भी नहीं जाता. फिर पीने के पानी के लिए खासा मशक्कत करनी पड़ती है. हमारी समस्याओं के बारे में अधिकारियों को समाधान निकलना चाहिए.

- राम गोपाल गुप्ता

हमारी सबसे बड़ी समस्या रोड और नाली का न होना है. एक भी पक्की रोड और नाली आज तक इस क्षेत्र में नहीं बनी है. जो इस क्षेत्र के समस्या का सबसे बड़ा कारण है. पार्षद को हमारी समस्या सुनने का टाइम ही नहीं है.

- अखिलेश कुमार

सड़कों की हालत यहां बहुत ज्यादा खराब है. अधिकतर सड़कें खराब हैं. कभी सड़क नहीं बनती है. पिछले दिनों हुए बारिश के कारण रोडों पर पानी भर गया था. हम लोग आज भी उसे झेल रहे हैं.

- ठाकुर प्रसाद

बिजली के खंभे लगे हैं पर उन पर कोई कनेक्शन तक नहीं किया गया है. कई जगहों पर हम लोगों ने अपने लकड़ी के खभों से तार ले जाकर बिजली कनेक्शन किया है. पर हर पोल पर पार्षद का नाम जरूर पढ़ सकते हैं.

- मनोज कुमार

इस क्षेत्र में इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद सुविधाएं बहुत कम हैं. इन समस्याओं को सुलझाने के लिए अधिकारियों को जल्द ही कोई कदम उठाना चाहिए. इस क्षेत्र की समस्याओं के लिए हमनें अफसरों को पत्र लिखकर अवगत कराया है. पानी की समस्या में हम काफी हद तक सुधार किया है, जहां तक सड़कों की बात है तो जल्द ही इन समस्याओं को दूर किया जाएगा.

- आर डी गुप्ता

फोन पर पूछा तो बताई गलत लोकेशन

क्षेत्र का हालचाल लेने पहुंची आई नेक्स्ट की जब क्षेत्र में फैली गंदगी, रुके विकास कार्य और जनसमस्याओं के बारे में बात करने के लिए पार्षद पलक रावत से सम्पर्क किया, तो फोन उनके पति तारा चंद्र रावत ने उठाया. उनके मुलाकात कर जनसमस्याओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने क्षेत्र से बाहर होने की बात कही. उन्होंने कहा समय मिलने पर आप से सम्पर्क कर लिया जाएगा.