- दो माह से नहीं मिला रोडवेज कर्मियों को वेतन

- वेतन न मिलने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बिगड़ी

DEHRADUN: समय पर वेतन न मिलने से रोडवेज कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है. निगम कर्मचारियों को पिछले जून व जुलाई का वेतन नहीं मिला है. वेतन न मिलने की वजह सरकार द्वारा आपदा, 18 कल्याणकारी योजना का लगभग 60 करोड़ रुपए का भुगतान न किए जाना बताया जा रहा है. ऐसे में निगम की माली हालात खराब होती जा रही है.

10 करोड़ रिटायर्ड कर्मचारियों की देनदारी

पिछले चार साल में रिटायर्ड हो चुके करीब एक हजार कर्मचारियों का 10 करोड़ रुपए निगम को भुगतान करना है. माली हालात खराब होने के चलते निगम के राजकोष में धनराशि का अभाव है, जिससे भुगतान नहीं हो पा रहा है. निगम पर रिटायर्ड कर्मचारियों के एक माह का करीब 4 करोड़ ग्रेच्युटी बकाया भी रह गया है. भुगतान के लिए रिटायर्ड कर्मचारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन फिलहाल भुगतान की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है.

25 करोड़ नकदीकरण का बकाया

निगम पर रिटायर्ड कर्मचारियों का नकदीकरण (अर्जित अवकाश) का करीब 25 करोड़ का बकाया है. इसका भुगतान जून 2013 से नहीं किया गया है. कर्मचारियों द्वारा भुगतान को लेकर कई बार निगम प्रबंधन को पत्र भेजा गया है. लेकिन निगम की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

परिवहन मंत्री से सीएम तक लगा चुका गुहार

निगम को घाटे से बाहर निकालने के लिए रोडवेज कर्मचारी यूनियन के अलग-अलग संगठन परिवहन मंत्री से लेकर सीएम तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला.

कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिला है. आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है. अधिकारी से लेकर सरकार तक बकाया धनराशि के भुगतान को लेकर गुहार लगा चुके हैं.

अशोक चौधरी, महामंत्री, उत्तरांचल रोडवेज यूनियन

निगम की माली हालात बहुत खराब है. कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा, लेकिन एक माह का वेतन बाकी रह गया है.

दीपक जैन, जीएम, परिवहन निगम