-संडे को सफाईकर्मियों के काम पर नहीं आने से गलियों में नहीं लगता झाड़ू

-आउटसोर्सिग सफाईकर्मी सिर्फ मेन रोड्स की ही करते हैं सफाई

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VARANASI

स्मार्ट सिटी बनारस में नगर निगम संडे को गलियों की सफाई नहीं कराता. इस दिन आउटसोर्सिग सफाईकर्मियों के सहारे सिर्फ मुख्य मार्गो की ही सफाई होती है. ये प्रॉब्लम स्थायी कर्मियों का संडे को वीकली ऑफ रहने से क्रिएट हुई है. इससे गलियों में जगह-जगह कूड़ा जमा हो जाता है. क्योंकि निगम के पास पर्याप्त संविदा और आउटसोर्सिग कर्मी ही नहीं हैं कि जिनसे गलियों में सफाई कराई जा सके.

गलियों से सबसे ज्यादा कूड़ा

शहर में जितना कूड़ा डेली निकलता है. उसमें से 75 फीसदी गलियों से कलेक्शन किया जाता है. संडे को गलियों की सफाई नहीं होने से पब्लिक को काफी दिक्कत झेलनी होती है. कई मोहल्लों में तो इतना कूड़ा इकट्ठा हो जाता है कि उससे निकलने वाली दुर्गन्ध से जीना मुहाल हो जाता है. जिन मोहल्लों में सफाई, कूड़ा उठान और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए निजी एजेंसियों से नगर निगम काम करा रहा है. वहां तो कुछ हद तक हालत ठीक है, लेकिन उन गलियों में संडे को हालत नारकीय हो जाती है जहां सफाईकर्मियों के भरोसे ही सफाई कराने की पूरी व्यवस्था है.

वीकली ऑफ से आई दिक्कत

स्थायी और संविदा पर तैनात सफाईकर्मियों का वीकली ऑफ रविवार को होता है. वहीं आउटसोर्सिग पर तैनात सफाईकर्मियों को बुधवार को साप्ताहिक अवकाश दिया जाता है. दरअसल, आउटसोर्सिग कर्मियों के नहीं रहने पर तो निगम एजेंसियों या फिर स्थायी कर्मियों के सहारे काम चला लेता है, लेकिन संडे को स्थायी और संविदा सफाईकर्मियों के नहीं रहने पर दिक्कत बढ़ जाती है. हालांकि आउटसोर्सिग कर्मियों के लिए छुट्टी की व्यवस्था नहीं है, लेकिन सफाईकर्मी संगठनों की मांग पर इन्हें भी साप्ताहिक अवकाश देने की व्यवस्था शुरू की गई है.

व्यवस्था तमाम तो भी सफाई धड़ाम

2,750

टोटल सफाईकर्मी हैं नगर निगम में

2000

हैं स्थायी व संविदा सफाईकर्मी

76

वार्डो में सफाई व कूड़ा उठान सफाईकर्मियों के जिम्मे

600

एमटी कूड़ा शहर में निकलता है डेली

14

वार्डो में सफाई की पूरी व्यवस्था कराती है आईएलएफस

02

अन्य एजेंसियां सिर्फ कराती हैं डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन

650

से ज्यादा गलियां हैं शहर एरिया में

सफाईकर्मियों को वीकली ऑफ देना जरूरी है. संडे को अगर किसी मोहल्ले में सफाई व कूड़ा उठान को लेकर दिक्कत आती है तो आउटसोर्सिग कर्मियों को लगाकर प्रॉब्लम दूर कराई जाती है.

डॉ. एके दूबे, नगर स्वास्थ्य अधिकारी