क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : सिटी में पहले दुकानों और अब बार से भी बीयर गायब हो चुकी है. कभी आसानी से उपलब्ध रहने वाला टयूबर्ग, स्पेंशर और किक बियर की सप्लाई पूरी तरह ठप है. शराब कंपनियों ने बकाया भुगतान नहीं होने की वजह से बीयर की सप्लाई रोक दी है. अब सरकार और उत्पाद विभाग के अधिकारी कंपनियों से बिना भुगतान के ही बीयर सप्लाई करने का दबाव बना रहे हैं. ऐसे में सरकारी की यह चेतावनी झारखंड के शराब व्यवसाय के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर रही है.

डिपो हो चुके हैं खाली

शराब के डिपो खाली हैं जहां बार के संचालकों के द्वारा लागातार दवाब बनाया जा रहा है कि बीयर की आपूर्ति की जाए. लेकिन मामला सीधे सीधे सरकार के साथ ही इसलिए लोग इस धंधे में अपनी शाख बचाने की कवायद में लगे हैं.

गर्मी में बीयर से ज्यादा कमाई

शराब कारोबार के जानकारों की मानें तो हर गरमी अप्रैल से जुलाई माह तक 80 प्रतिशत केवल बीयर से कमाई होती रही है, इसके अलावा सालों भर बीयर की बिक्री होती है. बीयर की कमी के कारण सरकार को इस गरमी कम से कम 300 करोड़ के रेवेन्यू का नुकसान होने की आशंका है.

पतरातू में ट्यूबर्ग बाटलिंग प्लांट बंद

ट्यूबर्ग कंपनी ने पतरातू में करोड़ों की लागत से बॉटलिंग प्लांट खोली थी. लेकिन, सप्लाई के दौरान ही शिकायत मिली कि टयूबर्ग का टेस्ट गड़बड़ हो रहा है. हाई लेवल जांच के बाद पता चला कि पानी के टेस्ट में काफी अंतर है, जिसके कारण बीयर के टेस्ट में गड़बडि़यां पायी जा रही हैं. ऐसे में इस बॉटलिंग प्लांट से उत्पादन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया.

मालिकाना हक को ले विवाद, रोकी सप्लाई

स्पेंशर व किक बीयर का उत्पादन करने वाले योगेन्द्र तिवारी व अजय सिन्हा के बीच मालिकाना हक को लेकर विवाद हो गया है. दोनों के बीच हुए इस विवाद के कारण स्पेंशर और किक बीयर की आपूर्ति ठप्प हो गयी है.लोगों की तरावट अधुरी रह जा रही है.

किंगफिशर ने भी कम कर दी आपूर्ति

सरकार ने केवल किंगफिशर बीयर कम्पनी को बकाया भुगतान किया है वह भी 20 प्रतिशत से भी कम बतायी जा रही है. किंगफिशर ने अपनी सप्लाई काफी कम कर दी है जिसके कारण बार से भी बीयर गायब हो गए हैं.