दून के व्यापारियों ने दिया संदेश नोटबंदी के खिलाफ नहीं

-छोटे से लेकर बडे़ बाजार में भारत बंद नहीं रहा असर

-व्यापारियों ने कहा-देश निर्माण में देंगे सकारात्मक योगदान

ष्ठश्व॥क्त्रन्ष्ठहृ: नोटबंदी के विरोध में भारत बंद दून में नाकाम रहा, तो व्यापारियों की तरफ से एक स्पष्ट संदेश भी चला गया. संदेश ये ही है कि थोड़ी बहुत परेशानी के बावजूद व्यापारी कालेधन पर प्रहार चाहते हैं. इस संबंध में केंद्र सरकार की कोशिशों के साथ हैं. व्यापारियों का साफ कहना है-जब देश बदल रहा है, तो वह बंद आखिर क्यों करें.

एक दुकान भी नहीं हुई कहीं बंद

दून का हर मार्केट आज रोजाना की तरह खुला. पलटन बाजार, आढ़त बाजार, चकराता रोड, राजपुर रोड, धर्मपुर, कारगी, मंडी, निरंजनपुर, प्रेमनगर, बल्लुपुर से लेकर करनपुर, आराघर तक जितने भी छोटे-बडे़ मार्केट हैं, वहां पर आज सारी दुकानें खुलीं. लोगों ने आम दिनों की तरह खरीददारी की.

-कालेधन पर केंद्र सरकार ने करारी चोट की है. मोदी के प्रयास साहसिक हैं, ऐसे में जरूरत साथ देने की है, न कि विरोध करने की. देश बदल रहा है, तो हमें भी योगदान करना होगा.

-मनोज चतुर्वेदी, अध्यक्ष कारगी व्यापार संघ.

-हमने पहले ही तय कर लिया था कि बाजार बंद नहीं करेंगे. इससे हमारा ही नुकसान होना था. फिर हम भी काले धन के खिलाफ अभियान में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाना चाहते हैं.

-अमित गोयल, सर्राफा व्यापारी.

तकलीफ, आक्रोश और ढोल की थाप

नोटबंदी के खिलाफ राजभवन कूच में सोमवार को कांग्रेस ने भीड़ तो जमकर जुटाई, लेकिन तकलीफ और आक्रोश की बातों के बीच ढोल की थाप ने कार्यक्रम की गंभीरता को जरूर कम किया. पूरे कार्यक्रम पर चुनावी तैयारियों का मुलम्मा चढ़ा हुआ दिखाई दिया. लिहाजा नोटबंदी के खिलाफ कम और उम्मीदवारों के पक्ष में नारे ज्यादा लगे. सबसे ज्यादा सक्रियता कैंट सीट के दावेदारों की दिखी. अपने समर्थकों की खास भीड़ के साथ दावेदार पहुंचे थे. लिहाजा खूब धक्कामुक्की के साथ राजभवन कूच हुआ.

बंद की नाकामी से बीजेपी गदगद

चुनावी तैयारियों में जुटी बीजेपी को नोटबंदी के फैसले से जीत की संभावना नजर आ रही है. दून में भारत बंद फ्लाप होने से बीजेपी के नेता गदगद नजर आए. हालांकि जब नोटबंदी का ऐलान हुआ था, तब बीजेपी से जुडे़ कई व्यापारी असहज नजर आए थे, लेकिन आज सभी के साथ आने पर बीजेपी की खुशी चरम पर दिखी.