15 मीटर या ऊंची इमारतों को एनओसी लेना जरुरी

एक दर्जन से अधिक इमारतों को दिया जा चुका है नोटिस

आगरा. लखनऊ में होटल की आग के बाद पुलिस ने इमारतों की जांच की कमान अपने हाथ में ले ली है. इनमें एनओसी की जांच की जाएगी. जो इमारतें 15 मीटर या उससे ऊपर बनी हैं. उनके पास एनओसी होनी चाहिए यदि उनके पास एनओसी नहीं तो उन्हें नोटिस दिया जाएगा. फायर विभाग पहले ही एक दर्जन से अधिक इमारतों को नोटिस दे चुका है.

15 मीटर पर होना चाहिए फायर सेफ्टी सिस्टम

मानक के अनुसार 15 मीटर से अधिक पर एनओसी के अलावा फायर सेफ्टी सिस्टम भी होना चाहिए. इनमें सबसे अधिक जरुरी है. एक्जिट दरवाजा. यदि कभी इन इमारतों में आग की घटना होती है तो आपात काल दरवाजे का प्रयोग हो सके. कई बाद देखा गया है कि बिल्डिंग में एक ही दरवाजा आने-जाने के लिए होता है.

कई सिस्टम से लैस होनी चाहिए इमारत

इमारत की ऊंचाई पर एनओसी से ही मात्र सुरक्षा नहीं बल्कि इसके अलावा कई फायर सेफ्टी सिस्टम उसमें होने चाहिए. इनमें बड़ी इमारतों में बेसमेंट में टैंक बनवाने का नियम भी है. इसके अलावा स्क्रींकलर सिस्टम, डिटेक्शन सिस्टम, हाइट्रेंट सिस्टम, टाउन कवर सिस्टम आदि ऐसे सिस्टम हैं जो इमारत की ऊंचाई और क्षेत्रफल के हिसाब से लगते हैं.

स्कूल, अपार्टमेंट, हॉस्पिटल सभी में मानक अधूरे

आगरा. पूर्व में फायर विभाग ने एक दर्जन से अधिक इमारतों को नोटिस दिया है. इनमें स्कूल, अपार्टमेंट, हॉस्पिटल और होटल हैं. इनमें कई ऐसे हैं जिन्होने अपने मानक पूरे किए हैं. फायर विभाग फिर से इमारतों का निरीक्षण करेगा.

मजबूत इमारत पर इंतजाम कम

फायर विभाग ने जिन अपार्टमेंट को नोटिस दिया है. वह मजबूत हैं उनमें कई प्रकार की सुरक्षा है लेकिन आग से सुरक्षा के लिए कोई ध्यान नहीं दिया गया है. इसी तरह स्थिति स्कूलों की है. वहां पर भी आग के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं. यदि घटना हो जाए तो प्रबंधतंत्र क्या करेगा.

जीवनदायनी इमारत में भी जीवन को खतरा

फायर विभाग ने हॉस्पिटल को भी नोटिस दिया है. यहां पर लोगों का जीवन बचाया जाता है लेकिन इसके बाद भी यहां भारी असुरक्षा है. चूंकि यहां पर फायर फायटिंग सिस्टम दुरुस्त नहीं है. फायर विभाग ने इन्हें अभी नोटिस दिया है. इसके बाद फिर से निरीक्षण होगा.