-नोएडा, गाजियाबाद के बाद मेरठ बन रहा बायर्स की पहली पसंद

-आउट सिटी की बजाए इंटरसिटी में रहना पसंद कर रहे रियल बॉयर

MEERUT। एक ओर जहां दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद में आशियानों की महंगाई सातवें आसमान पर हैं। वहीं मेरठ दिल्ली एनसीआर के बायर्स की पहली पसंद बनता जा रहा है। यही वजह है कि मेरठ शहर धीरे-धीरे मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट कल्चर में तब्दील हो जा रहा है।

2022 तक आएगा बूम

रियल एस्टेट से जुड़े एक्सपर्ट की मानें तो 2022 तक मेरठ में मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट का बड़ा बूम दिखाई देगा। हालांकि शहर में अभी इसकी शुरुआत दिखाई देने लगी है। शहर के बाहरी क्षेत्रों में प्रतिष्ठित और रियल एस्टेट डेवलपर्स के कई बड़े प्रोजेक्ट्स आपको दिखाई देंगे। इसका सबसे बड़ा कारण मेरठ में मेट्रो की आमद और हाई स्पीड ट्रेन की उम्मीद को लेकर लोगों में आया रुझान है।

इंटरसिटी प्रोजेक्ट को लेकर क्रेज

एक्सपर्ट की मानें तो अभी लोगों में आउटर सिटी के प्रोजेक्ट्स को लेकर कुछ कम रुझान है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि रियल एस्टेट बाजार शहर के बीच या नजदीक रहना पसंद कर रहा है। हालांकि इनवेस्टर्स बाहरी क्षेत्रों में स्थित प्रोजेक्ट्स में खूब दांव लगा रहे हैं। वो बात अलग है कि पावर बैकअप से लेकर अन्य सुविधाओं से लैस प्रोजेक्ट्स लोगों द्वारा खूब पसंद किए जा रहे हैं।

पब्लिक का रूझान अभी शहरी क्षेत्रों में स्थित प्रोजेक्ट्स को लेकर है। इसका कारण शहर और मार्केट में लोगों की आसानी से पहुंच होना है। अच्छे प्रोजेक्ट्स खूब पसंद किए जा रहे हैं।

अतुल गुप्ता, एपेक्स ग्रुप ऑफ कंपनी

मेरठ में मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट का फ्यूचर ब्राइट है। दिल्ली व नोएडा के बाद लोग मेरठ को काफी तवज्जो दे रहे हैं। कंप्लीट प्रोजेक्ट में सभी सुख सुविधाओं का होना जरूरी है।

-गौरव शरण, एल्पाइन हाइट्स

रियल बॉयर अपनी जरूरत के हिसाब से अपार्टमेंट में फ्लैट खरीद रहा है। अभी लोगों में शहर के नजदीक वाले प्रोजेक्ट को लेकर अधिक क्रेज है।

-सचिन राजवंशी, आराध्या हाईट्स

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तेजी से बढ़ते शहर और रूरल एरियाज से शहरों की तरफ आती आबादी के चलते मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट्स आज के वक्त में शहरों की जरूरत बन गए हैं। मेट्रो सिटीज में ऐसी रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स की डिमांग पहले से थी पर मेट्रो सिटीज बनने की तरफ बढ़ रहे शहरों ने इसमें तेजी लाने का काम किया है। इंटरेस्टिंग बात तो ये है कि 10 साल पहले तक लोग ऐसी प्रॉपर्टीज में अपना पैसा लगाने में हिचक महसूस करते थे, वहीं आज चीजें एकदम बदल गई हैं और लोग ऐसी प्रॉपर्टीज में इंटरेस्ट दिखा रहे हैं।

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-पहले जहां लोग मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट्स में ग्राउंड फ्लोर लेना प्रिफर करते थे, वहीं अब अच्छे व्यू, प्रॉपर वेंटिलेशन और नॉइस-फ्री माहौल के लिए वे ऊपर के फ्लोर्स में इंटरेस्ट दिखा रहे हैं।

-एक्सप‌र्ट्स का कहना है कि अगर प्रोजेक्ट मॉर्डन और वेल-प्लांड है तो ऊपरी फ्लोर में रहना सेफ और सिक्योर माना जाता है।

-आजकल देखा जा रहा है कि लोग ऊपरी फ्लोर्स खरीदने के लिए ज्यादा कीमत तक देने को तैयार हैं।

-हालांकि, आज भी जमीन के करीब वाले फ्लोर्स पसंद करने वाले ज्यादा हैं और इसकी एक बड़ी वजह यह होती है कि पावर जाने पर लिफ्ट की जगह सीढि़यां यूज करके वे अपने घर आसानी से पहुंच सकते हैं।

-मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट्स की डिमांड बढ़ रही है। लगभग हर 'टियर 2' और 'टियर 3' सिटीज में आपको ऐसे प्रोजेक्ट्स की भरमार मिल जाएगी।