16 सौ से ज्यादा कोचिंग सिटी में

5 लोगों की कमेटी बनाई गई

15 दिन में देनी है रिपोर्ट

311 आग के हादसे 1 से 15 मई तक

3 साल कामर्शियल बिल्डिंग की एनओसी

5 साल रेजीडेंशियल बिल्डिंग की एनओसी

- सूरत कांड के बाद जागा फायर डिपार्टमेंट, कई बड़े कोचिंग सेंटर्स को नोटिस

- पांच सदस्यी कमेटी बनाई, 15 दिन में डिपार्टमेंट को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

LUCKNOW : सूरत कांड के बाद जागे फायर डिपार्टमेंट ने शनिवार को कोचिंग संस्थानों में फायर संसाधनों की सुध ली। फायर डिपार्टमेंट ने कई कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। चीफ फायर अफसर के अनुसार राजधानी में एक भी कोचिंग संस्थान के पास फायर एनओसी नहीं है। इसके चलते उन्होंने कई बड़े संस्थान और कोचिंग सेंटर को नोटिस जारी की है।

15 दिन में देंगे रिपोर्ट

चीफ फायर अफसर विजय कुमार सिंह के अनुसार शहर में 16 सौ से ज्यादा कोचिंग सेंटर हैं। ये कामर्शियल बिल्डिंग से लेकर प्राइवेट मकानों में भी चल रहे हैं। फायर डिपार्टमेंट ने पांच लोगों की कमेटी बनाई है। जो 15 दिन में सभी कोचिंग सेंटर का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट डिपार्टमेंट को सौंपेगी। रिपोर्ट के अनुसार कोचिंग संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी। नोटिस के साथ-साथ उनके खिलाफ केस दर्ज करने के लिए सीजीएम कोर्ट में रिपोर्ट पेश की जाएगी।

एनबीसी का मानक 9 पार्ट में

किसी भी बिल्डिंग की एनओसी का मानक 9 पार्ट में होता है। कामर्शियल बिल्डिंग का क्राइटेरिया अलग-अलग है। सीएफओ विजय कुमार सिंह ने बताया कि ज्यादातर कोचिंग सेंटर कामर्शियल कॉम्प्लेक्स और बिल्डिंग में चल रहे हैं। जिसमें असेंबली बिल्डिंग, ग्लास बिल्डिंग, ओपन बिल्डिंग समेत अन्य मानक हैं। 5 सौ वर्ग मीटर क्षेत्र वाली बिल्डिंग में 2 से 3 सीढि़यां होना जरूरी हैं। जबकि ग्लास वाली बिल्डिंग में फुटफॉल एक हजार से ज्यादा है तो फायर डिटेक्टर और रूफ टैंक होना अनिवार्य है।

हादसा होने पर जागते हैं

सीएफओ के अनुसार 1 से 15 मई के बीच राजधानी में 311 आग लगने की घटनाएं हुई हैं। वहीं 1 जनवरी 2018 से अब तक आग लगने के 1031 मामले सामने आए हैं। फायर डिपार्टमेंट कामर्शियल बिल्डिंग को 3 और रेजीडेंशियल बिल्डिंग को 5 साल की एनओसी देता है। फायर डिपार्टमेंट को हर साल इन बिल्डिंगों की जांच भी करनी होती है, लेकिन न जांच होती है और ना ही एनओसी खत्म होने के बाद नोटिस जारी की जाती है।

300 बिल्डिंगों को नोटिस

चीफ फायर अफसर विजय कुमार सिंह का कहना है कि शहर में कामर्शियल बिल्डिंग की संख्या बहुत है। कई बिल्डिंग बिना फायर एनओसी के ही खड़ी हो गई हैं। इसके लिए अन्य डिपार्टमेंट को सूचित भी किया है। बिल्डिंग ऑनर दूसरे डिपार्टमेंट से एनओसी लेकर बिल्डिंग बना लेते हैं लेकिन फायर एनओसी नहीं लेते। संबंधित डिपार्टमेंट को लेटर लिखा गया है कि वह पहले फायर एनओसी देखें बाद भी अन्य एनओसी जारी करें। डिपार्टमेंट ने शहर में करीब 3 सौ कामर्शियल बिल्डिंग को नोटिस जारी की है।

बाक्स

होटल पर ध्यान, बाकी से अनजान

फायर डिपार्टमेंट खुद मानता है कि उसकी वरीयता में सबसे पहले होटल हैं। दूसरी वरीयता में वे स्थान हैं जहां काफी संख्या में लोग आते-जाते हैं। वहीं कामर्शियल बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।