- महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाई जाएंगी गुलाबी बसें

GORAKHPUR: महिला यात्रियों की सुविधा व सुरक्षित यात्रा के लिए ले आई जा रही है गुलाबी बसों पर फिलहाल ग्रहण लगता हुआ नजर आ रहा है. क्योंकि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप गोरखपुर में गुलाबी बस के चलाने के लिए महिला ड्राइवर ही नहीं है. न तो आरटीओ में आज तक हैवी वाहन और भारी वाहन चलाने वाली किसी महिला ड्राइवर का लाइसेंस ही जारी नहीं हुआ है. जिन महिलाओं का लाइसेंस जारी भी हुआ है, या तो आटो ड्राइवर हैं या फिर खुद की कार चलाती हैं. अब ऐसे में यूपी रोडवेज के अधिकारियों के लिए प्रदेश सरकार की यह योजना गले की हड्डी बन गई है.

इन जगहों से चलेंगी बसें

बता दें, यूपी रोडवेज ने बीते दिनों मुख्यालय से महिलाओं की सुरक्षा व विशिष्ट बस सेवा के संचालन के लिए गोरखपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, बरेली, आगरा, कानपुर, इलाहाबाद एवं वाराणसी क्षेत्र में महिला बस चलाने का डिसीजन लिया है. इसके लिए मुख्यालय की तरफ से सीएम सिटी में चार बसें भी चलाए जाने की बात कहीं जा रही है. लेकिन यूपी रोडवेज के अधिकारियों के पास जब से इस बात की सूचना आई है कि गोरखपुर में महिला ड्राइवर की नियुक्ति कर उन्हें गुलाबी बस संचालित करवाना है तब से उनकी दिल की धड़कने बढ़ती हुई नजर आ रही है.

महिला ड्राइवर को दी जाएगी ट्रेनिंग

एक तरफ जहां पुरूष संविदा ड्राइवर की नियुक्ति करने में विभाग को नाको चने चबाने पड़ जाते हैं. ऐसे में गोरखपुर जैसे क्षेत्र में महिला ड्राइवर के आवेदन को लेकर उन्हें उच्च अधिकारियों के सवालों के जवाब देते नहीं बन रहे. हालांकि यूपी रोडवेज गोरखपुर रीजन के आरएम डीवी सिंह का दावा है कि महिला ड्राइवर के आवेदन के बाद उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी. उसके बाद उन्हें कानपुर में भेजा जाएगा. वहां भी ट्रेनिंग दी जाएगी. लेकिन उनके पास हैवी व्हीकल का लाइसेंस के साथ-साथ दो साल का अनुभव होना जरूरी है.

इन शर्तो को करना होगा पूरा

- योग्यता - न्यूनतम हाईस्कूल उत्तीर्ण

- अनुभव - भारी वाहन चलाने का न्यूनतम दो वर्ष का अनुभव

- ऊंचाई - 5 फूट 3 इंच

- आयु - न्यूनतम 21 वर्ष अधिकतम 40 वर्ष

- टेस्ट - कैंडिडेट्स को निगम के ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में फ्री ऑफ कास्ट ट्रेनिंग दी जाएगी.

वर्जन..

अभी तक तो एक भी आवेदन नहीं आए है. गुलाबी बस संचालित करवाना है. महिला ड्राइवर के नियुक्ति के लिए जो शर्ते हैं. उसको पूरा करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

डीवी सिंह, आरएम, यूपी रोडवेज गोरखपुर रीजन