-बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज में दी जानकारी

PATNA: चुनाव के दौरान सीमित कैश लेकर ही व्यवसायी बाहर निकलें। जांच के दौरान 10 लाख से अधिक कैश मिलने पर इसे आयकर विभाग के हवाले कर दिया जाएगा। हालांकि आयकर विभाग में प्रमाण देकर राशि को वापस ले सकते हैं। अपर राज्य निर्वाचन अधिकारी बाला मुरुगन डी और आइजी कमल किशोर ने बुधवार को बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सभागार में व्यवसायियों को यह जानकारी दी।

जरूरी कागजात रखें साथ

बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष पीके अग्रवाल और पूर्व अध्यक्ष ओपी साह ने चुनाव के दौरान व्यवसायियों की परेशानियों पर सवाल किए। दोनों अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि 50 हजार से 10 लाख के नीचे की राशि लेकर चल सकते हैं। लेकिन, इसके लिए कैश के स्रोत, आइडी प्रूफ और व्यावसायिक कार्य का प्रमाण पत्र होना चाहिए। अन्यथा राशि ज?त कर ली जाएगी। अगर राशि राजनीतिक कार्य की नहीं है तो अपने जिले के डीडीसी की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय कमेटी के पास आवेदन देना होगा। कमेटी जांच के बाद राशि जारी करेगी। दवा व्यवसायी है, काउंटर पर कैश आया है तो दवा दुकानदार होने का प्रमाण पत्र दें। वीडियो रिकॉडिंग के बीच जांच होगी। अधिकारी भयादोहन नहीं कर सकेंगे। अपना आइडी प्रूफ डीजी लॉकर में रख सकते हैं। अन्यथा मूल कागज लेकर चलना पड़ेगा।

प्रतिशत बढ़ाने की अपील की

अपर राज्य निर्वाचन अधिकारी बाला मुरुगन डी ने व्यवसायियों से अपील की कि वे मतदान प्रतिशत बढ़ाने में सहयोग करें। 2014 लोकसभा चुनाव में सिर्फ 56 फीसदी मतदान हुआ था। राज्य में सात करोड़ मतदाता हैं।