बोर्ड परीक्षा में बड़ी संख्या में अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के स्कूलों पर जांच के बाद होनी थी कार्रवाई

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ALLAHABAD: यूपी बोर्ड ने इस बार कई रिकार्ड बनाए. पहले परीक्षा 6 फरवरी से शुरू हो गई. फिर ग्यारह लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी. इसके बाद बोर्ड ने ऐसे स्कूलों को चिन्हित करने की बात कही, जहां के अधिक छात्रों ने परीक्षा छोड़ी. स्कूलों की जांच की बात भी सामने आई. इसमें ऐसे स्कूलों को टारगेट करने की बात थी, जहां के पचास प्रतिशत या उससे अधिक छात्रों ने परीक्षा छोड़ी हो. अब रिजल्ट निकले कई दिन बीच चुके हैं, लेकिन शासन की ओर से आए इस आदेश को लेकर अभी बोर्ड में कोई सुगबुगाहट भी सामने नहीं आई है. अब तो 19 मई से ये स्कूल बंद भी हो गए हैं.

कम रिजल्ट वालों की भी जांच

अधिक संख्या में परीक्षा छोड़ने वाले स्टूडेंट्स के स्कूलों की जांच के साथ ही बोर्ड ने 20 प्रतिशत या इससे कम रिजल्ट देने वाले स्कूलों की भी जांच का निर्णय लिया था. इस संबंध में भी रिजल्ट निकलने के बाद अभी तक कोई निर्देश जारी नहीं हो सका है. इस बारे में डीआईओएस आरएन विश्वकर्मा ने का कहना है कि जिले में ऐसा कोई स्कूल नहीं है, जहां बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा छोड़ने वाले स्टूडेंट्स की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक हो. ऐसे में फिलहाल किसी स्कूल की जांच नहीं होनी है. 20 प्रतिशत या इससे कम रिजल्ट देने वाले स्कूलों की बात की जाए तो इनके लिए अब तक बोर्ड की तरफ से कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है. बोर्ड की तरफ से आदेश आने के बाद ऐसे स्कूलों की जांच कराई जाएगी.