प्रख्यात समालोचक नामवर सिंह के बाद अब शुरू हुई हिन्दुस्तानी एकेडेमी में पुरस्कारों की श्रृंखला

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ALLAHABAD: हिन्दुस्तानी एकेडेमी में हिन्दी, उर्दू, संस्कृत और भोजपुरी जैसी क्षेत्रीय भाषा में पुरस्कारों की श्रृंखला का एक ऐसा आगाज हुआ है जिसमें अंतिम बार हिन्दी साहित्य जगत के प्रख्यात समालोचक नामवर सिंह का नाम जुड़ा है. उन्हें 1997 में हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए एकेडेमी सम्मान से दिया गया था. खास बात यह है कि एकेडेमी के इसी वित्तीय वर्ष से पुरस्कारों की श्रृंखला की शुरुआत होगी. साहित्य जगत की प्रख्यात साहित्यकारों के नाम पर 11 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे.

सम्मान का नाम और पुरस्कार राशि

गुरु गोरक्षनाथ एकेडेमी सम्मान : पांच लाख रुपए

गोस्वामी तुलसीदास एकेडेमी सम्मान : 2.5 लाख रुपए

भारतेन्दु हरिशचंद्र नाटक सम्मान : दो लाख रुपए

सरस्वती एकेडेमी सम्मान : दो लाख रुपए

जयशंकर प्रसाद काव्य सम्मान : दो लाख रुपए

महादेवी वर्मा नारी सम्मान : दो लाख रुपए

फिराक गोरखपुरी सम्मान : एक लाख रुपए

महाप्राण निराला एकेडेमी सम्मान : दो लाख रुपए

मोतीराम बीए व राम जियावन दास बावला सम्मान : एक लाख रुपए

अगले वित्तीय वर्ष से दो और सम्मान

एकेडेमी के अगले वित्तीय वर्ष से आठ अलग-अलग साहित्यकारों के नाम से दिए जाने वाले सम्मान के अलावा दो और सम्मानों की श्रृंखला शुरू की जाएगी.

-पंडित दीन दयाल उपाध्याय संस्कृति एकेडेमी सम्मान : पांच लाख रुपए

-मीराबाई नारी स्वाभिमान एकेडेमी सम्मान : एक लाख रुपए

अगले महीने मांगा जाएगा आवेदन

इन सम्मानों और उसकी पुरस्कार राशि के लिए देश भर के साहित्यकारों को आमंत्रित किया जाएगा. एकेडेमी प्रशासन द्वारा जुलाई महीने में आवेदन मांगा जाएगा. तैयारियां जोरों पर की जा रही है.

तीन सदस्यीय कमेटी करेगी स्क्रीनिंग

पुरस्कारों का चयन करने के लिए तीन सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया जाएगा. इसमें अपनी-अपनी विधा के विषय विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा. कमेटी का गठन आवेदन मांगे जाने के बाद किया जाएगा.

स्थापना दिवस पर दिया जाएगा सम्मान

हिन्दुस्तानी एकेडेमी की स्थापना 29 मार्च 1927 को हुई थी. इसलिए पुरस्कारों की श्रृंखला का आगाज भी उसी दिन से करने का निर्णय लिया गया है. यह प्रतिवर्ष उसी दिन एकेडेमी परिसर में दिया जाएगा.

18 लाख का बजट हुआ रिलीज

एकेडेमी में नए अध्यक्ष के रूप में भक्ति साहित्य के मर्मज्ञ विद्वान डॉ. उदय प्रताप सिंह की नियुक्ति मई के अंतिम सप्ताह में की गई थी. नियुक्ति के बाद डॉ. सिंह ने शासन को पुरस्कारों की श्रृंखला शुरू करने के लिए 50 लाख रुपए का प्रस्ताव भेजा था. लेकिन शासन की ओर से जून के दूसरे सप्ताह में पहले चरण के अन्तर्गत 18 लाख रुपए रिलीज किया गया है.

एकेडेमी में पुरस्कारों की श्रृंखला का सूत्रपात किया जा रहा है. हिन्दी व उर्दू साहित्य के अलावा अन्य भाषाओं के लिए भी प्रख्यात साहित्यकारों के नाम पर अलग-अलग पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. जो प्रतिवर्ष स्थापना दिवस के अवसर पर दिया जाएगा.

-डॉ. उदय प्रताप सिंह, अध्यक्ष हिन्दुस्तानी एकेडेमी