- सिक्योरिटी को लेकर पटना एयरपोर्ट पर लगाया जा रहा एडीएस बी टू

- इस इंस्ट्रूमेंट के जरिए आसानी से मिल जाएगा प्लेन का लोकेशन

- 25 हजार फीट की उंचाई से भी ऊपर उड़ने वाले प्लेन की मिलेगी अपडेट

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PATNA : अब पटना के आसमान से होकर कोई भी प्लेन अगर निकलेगा, तो उसकी पूरी अपडेट रिपोर्ट पटना एयरपोर्ट के पास ऑन द स्पॉट होगी. अगर कोई प्लेन हाईजैक होता है, तो फिर उसकी सारी जानकारी फौरन मिल जाएगी. इसके लिए पटना एयरपोर्ट पर थर्ड जेनरेशन सर्विलांस ऑपरेटर सिस्टम एडीएस बी टू लगाया जा रहा है. यह ख्भ् हजार फीट की उंचाई से भी ऊपर उड़ने वाले नेशनल और इंटरनेशनल एयरवेज की फ्लाईट की पूरी अपडेट प्रोवाइड कराएगा. फिलहाल ख्भ् हजार फीट से ऊंची उड़ान भरने वाले प्लेन का कोई भी रिकॉर्ड पटना एयरपोर्ट को बनारस और कोलकाता से लेना पड़ता था, पर अब थर्ड जेनरेशन सर्विलांस ऑपरेटर सिस्टम लग जाने से एटीएस में इसकी फौरन रिपोर्ट आ जाएगी. इसके अलावा डायरेक्टरेट्रेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन के कटिहार स्थित रडार सेंटर से भी पटना एयरपोर्ट को सारी जानकारी दी जाएगी.

हर प्लेन में लगा रहता है एडीएस लोकेशन

हर नेशनल और इंटरनेशनल प्लेन में एडीएस लगा रहता है, जिसकी वजह से विमानों का लोकेशन तत्काल कैच कर लेता है और उससे जुड़ी सारी अपडेट जानकारी मिल जाती है. जिस प्लेन में इसकी सुविधा नहीं होगी और वह भी पटना से होकर क्रॉस करेगा, तो उसकी जानकारी रडार के माध्यम से दी जाएगी. पटना एयरपोर्ट के बाद थर्ड जेनरेशन सर्विलांस ऑपरेटर सिस्टम एडीएस बी टू गया और रांची एयरपोर्ट पर भी लगाने की तैयारी है.

दो रूट पर दर्जनों चलती है नेशनल फ्लाइट

पटना के आसमान से होकर दो रुट चलता है. इस पर एक दर्जन से अधिक देश के इंटरनेशनल फ्लाइट आती और जाती है. इसमें बंग्लादेश, म्यांमार, सिंगापुर, मलेशिया, ब्रिटेन सहित कई पश्चिमी देशों के फ्लाइट ख्भ् हजार फीट से अधिक उंचाई पर उड़ान भरती है. ऐसे में इन फ्लाइटों की अपडेट जानकारी नहीं मिल पाती थी. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा अब इन विमानों को डाप्लर वेरी हाई फ्रिक्वेंसी ओमिनी रेंज के माध्यम से पूरी कैप्चर कर लिया जाएगा.

एयरपोर्ट पर एडीएस बी टू इंस्ट्रूमेंट लगाने का काम चल रहा है. जल्द ही यह पूरा भी हो जाएगा. इसके बाद आसानी से किसी भी प्लेन की अपडेट जानकारी पटना एयरपोर्ट को मिल जाएगी.

सोनो मरांडी

डायरेक्टर, पटना एयरपोर्ट