-पटना में हुई 11.7 मिलीमीटर बारिश, गलियों में बही नदी, सड़कें बनीं तालाब

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क्कन्ञ्जहृन्: राजधानी पटना और उसके आसपास जमकर हुई बारिश के कारण एक बार फिर जलजमाव से पटनाइट्स परेशान हो रहे हैं. सुबह, दोपहर के बाद शाम में लगातार बारिश होती रही. औसतन दो घंटे की बारिश में पटना के कई निचले इलाके डूब गए. कंकड़बाग, सालिमपुर अहरा, चिरैंयाटाड सहित कई इलाकों में जलजमाव के कारण घरों में पानी घुस गया. वहीं, होटल मौर्या के सामने, निफ्ट पटना के सामने, मीठापुर बस स्टैंड, राजेंद्र नगर, चिरैयाटाड और चांदमारी रोड आदि कई इलाकों में जलजमाव का व्यापक असर रहा. कई एरिया में जल निकासी नहीं होने के कारण सड़कों पर पानी भर गया.

तीन डिग्री गिरा पारा

बारिश से पहले पटना में उमस जैसी स्थिति बनी हुई थी. पटना में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. जबकि न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री की कमी होने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है. आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का अनुमान है कि अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है. जबकि गुरुवार को शाम होते-होते वातावरण में नमी की मात्रा बढ़कर 89 प्रतिशत दर्ज की गई.

दो दिनों में हो सकती है खूब बारिश

अगले दो दिनों में भी जमकर बारिश होने की संभावना है. सेटेलाइट से प्राप्त चित्र के मुताबिक मानसून ट्रफ पटना के दीघा से होकर गुजर रहा है और अभी यह पूरे क्षेत्र में भारी बारिश कराएगा. मौसम विभाग का अनुमान है कि गुरूवार की भांति शुक्रवार और शनिवार को भी पटना और आसपास बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. सामान्य से भारी बारिश की संभावना है.

सूबे में मानसून फिर सक्रिय

ज्ञात हो कि बीते दो-तीन दिनों से मानसून कमजोर पड़ गया था. तापमान सामान्य से दो-तीन डिग्री अधिक रिकार्ड किया जा रहा था. लेकिन गुरुवार से बिहार में मानसून फिर सक्रिय हो गया. पूर्वी उत्तर प्रदेश में चक्रवात बनने से बिहार के पश्चिमी जिलों में बारिश हो रही है. यह स्थिति शुक्रवार तक बने रहने की उम्मीद है. शनिवार से मानसून की गति और तेज हो सकती है.

जलनिकासी नहीं होने से परेशानी

चिरैंयाटाड पुल के नीचे, अशोक राजपथ, मीठापुर बस स्टैंड के पास, शास्त्री नगर आदि इलाकों में बारिश के बाद इसके पानी के निकास नहीं होने के कारण लोगों को आने- जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं, घरों में पानी घुसने से लोगों को फजीहत झेलनी पड़ी.