- देह व्यापार धंधे में पकड़े गए सिपाही और युवती

- अभी तक तीन मामलों का हो चुका खुलासा

- मास्टर माइंड कर चुका है एमबीए की पढ़ाई

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AGRA : सोशल साइट्स खासकर फेसबुक इस समय प्रेमजाल का नया हथियार बन गया है. प्रेमजाल में फंसकर कई युवा इसके आए दिन शिकार हो रहे हैं और उनके साथ आसानी से ब्लैकमेलिंग की घटनाएं हो रही हैं. ऐसा ही एक मामला ताजनगरी में आया है. ताजगंज में बिल्डर को फंसाने वाली युवती फेसबुक से लोगों पर जाल फेंकती थी. मामले का मास्टर माइंड एमबीए है. पुलिस पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है. पुलिस ने इस मामले में महिला व दो पुलिस कर्मी समेत पांच को जेल भेजा है. तीन मामले और प्रकाश में आए हैं. पुलिस ने तीनों में मुकदमा दर्ज किया है.

फेसबुक से फंसाती थी
ताजगंज निवासी युवती ने अपनी फेसबुक आईडी से लोगों को फंसाया था. दो प्रकाश में आए लोगों में एक इंजीनियर का बेटा है तो दूसरा नौकरी करता है. दोनों से युवती ने फेसबुक से दोस्ती की थी. इसके बाद मोबाइल नंबर दिया फिर बातों का सिलसिला शुरू हुआ. 31 दिसम्बर को बल्केश्वर निवासी युवक को युवती ने आत्महत्या का डर दिखा कर बुला लिया. युवक अपने साथी के साथ पहुंचा था. इसके बाद युवती के साथी आ गए. उनमें दोनों सिपाही भी थे. युवक को डरा धमका कर 50 हजार व उसके साथी से 30 हजार रुपये वसूल लिए.

इंजीनियर के बेटे से वसूले 50 हजार
इसी तरह 6 जनवरी को नगला कली निवासी युवक को व्यापार के बहाने अपने यहां बुला लिया. गुमराह कर आपत्तिजनक स्थिति में कर दिया. इसके बाद अपने कथित पति आशीष शर्मा, सिपाही दीपक सोलंकी, कवि चौधरी को बुला लिया. सभी ने युवक को बंधक बनाकर जान से मारकर जंगल में फेंकने की धमकी दी. शातिरों ने युवक से 50 हजार रुपये वसूल कर लिए.

इन लोगों को पुलिस ने पकड़ा
युवती के अलावा पकड़े गए आरोपियों के नाम आशीष शर्मा निवासी सदर बाजार, गौरव सोलेमन निवासी नाई की मंडी, सिपाही दीपक सोलंकी व कवि चौधरी निवासी सादाबाद बताए गए हैं. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया है.

एमबीए है मास्टर माइंड
पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया आशीष शर्मा इस पूरे मामले का मास्टर माइंड है. उसने 2016 में एमबीए किया था. उसकी महिला मित्र को 10 साल पहले पति ने छोड़ दिया था. आशीष उखर्रा में कपड़े का काम करता था. उसका छीपीटोला में कबाड़े का काम भी था. व्यापार में उसे डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ था. तीन साल पहले पुलिस ने उसे पकड़ा था. उसके पास से दो सौ से अधिक चोरी की गाडि़यां बरामद की थीं.

आशीष की थी दोस्ती
आशीष का जिस दौरान कबाड़े का कारोबार था. उस दौरान ही सिपाहियों से उसकी दोस्ती हुई थी. तब से वह सिपाहियों के साथ लगातार सम्पर्क में था. युवती फेसबुक से मोबाइल नंबर लेकर लोगों को बुलाती थी. इसके बाद कमरे में आपत्तिजनक माहौल बना कर चीख पुकार मचा देती. आशीष और सिपाही आकर शिकार से सौदेबाजी करते थे. पकड़े गए युवती के भाई गौरव सोलेमन ने खुद को बेगुनाह बताया है. उसका कहना था कि उसे तो पार्टी मनाने के लिए बुलाया था.