क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : रिम्स ब्लड बैंक में अब मरीजों को बिना रिप्लेसमेंट के प्लेटलेट्स उपलब्ध कराया जाएगा. इसे लेकर रिम्स डायरेक्टर ने ब्लड बैंक को पत्र जारी कर दिया है. वहीं प्लेटलेट्स लेने के लिए किसी तरह का चार्ज भी नहीं देना होगा. बताते चलें कि खून में प्लेटलेट्स की मात्रा कम हो जाना डेंगू का सबसे बड़ा लक्षण है. लेकिन कई अन्य बीमारियां वायरल बुखार, कैंसर और एक्सीडेंट में ब्लीडिंग के कारण भी प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है. ऐसे में मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती है. समय पर प्लेटलेट्स न चढ़ाया जाए तो मरीज की जान भी जा सकती है.

20 हजार प्लेटलेट्स काउंट खतरनाक

एक्सपर्ट की मानें तो रेड ब्लड सेल्स और व्हाइट ब्लड सेल्स की तरह प्लेटलेट्स भी ब्लड के सेल्स हैं, जिसे तैयार नहीं किया जा सकता बल्कि इसे ब्लड से ही निकाला जाता है. इसका मुख्य काम खून में गाढ़ापन बनाए रखना है, ताकि बॉडी से ब्लीडिंग न हो. किसी भी व्यक्ति के ब्लड में 1.5 लाख से 4 लाख तक प्लेटलेट्स काउंट होना नॉर्मल माना जाता है. वहीं 20 हजार प्लेटलेट्स काउंट खतरनाक माना जाता है.