-जमा की गई धनराशि पाने के लिए एलॉटी के छूट जाते हैं पसीने, महीनों लगाने पड़ते हैं चक्कर, जेब करनी पड़ती है हल्की

-शासन तक पहुंची गूंज, अब रिफंड के लिए ऑनलाइन सिस्टम, एलॉटी के बैंक एकाउंट में सीधे पहुंच जाएगी रिफंड धनराशि

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KANPUR: अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के अ‌र्न्तगत एलॉट फ्लैट के रिफंड के लिए किदवईनगर के रवि मिश्रा को चार महीने तक केडीए के चक्कर काटने पड़े. जेब अलग से हल्की करनी पडी. पर अब आने वाले दिनों में रवि मिश्रा की तरह अन्य एलॉटीज को रिफंड के लिए इन समस्याओं से नहीं जूझना पड़ेगा. एलॉटी के एकाउंट में सीधे रिफंड धनराशि पहुंच जाएगी.

सिंगल विंडों के बावजूद इम्प्लाइज की मनमानी

केडीए हर साल हजारों की संख्या में प्लॉट, फ्लैट व अन्य प्रॉपर्टी एलॉट करता है. इनमें से सैकड़ों की संख्या में एलॉटी कई कारणों से प्लॉट व फ्लैट वापस कर देते हैं. पर उन्हें प्लॉट या फ्लैट के लिए जमा की गई धनराशि की वापसी (रिफण्ड) पाने के लिए महीनों केडीए की दौड़ लगानी पड़ती है. प्रॉपर्टी सेल से लेकर एकाउंट सेक्शन के इम्प्लाइज की मनमानी का शिकार होना पड़ता है. जेब अलग से ढीली करनी पड़ती है, वरना फाइल दबाए रहते हैं. सिंगल विंडों सिस्टम के बावजूद केडीए इम्प्लाइज की मनमानी जारी है.

मनमानी की गूंज पहुंची शासन तक

रिफंड के लिए केडीए इम्प्लाइज की मनमानी की गूंज शासन तक पहुंच चुकी है. शायद यही वजह है कि रिफंड के लिए ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया जा रहा है. जिसमें एलॉटी को रिफंड के आवेदन तक के लिए केडीए की दौड़ लगानी पड़ेगी. ऑनलाइन ही उसे आवेदन करना होगा. अप्लीकेशन के साथ एलॉटमेंट लेटर, आधार, कैंसिल बैंक चेक, जमा धनराशि की रसीदों आदि की फोटो कॉपी अपलोड करनी होगी. यह आवेदन सीधे केडीए में रिफंड के लिए नामित नोडल ऑफिसर के पास पहुंच जाएगा. जो कि अप्लीकेशन जांच के लिए प्रॉपर्टी सेक्शन व एकाउंट सेक्शन भेजेगा. जांच के बाद रिफंड की धनराशि एलॉटी के बैंक खाते में पहुंच जाएगी. इसके लिए प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण की तरफ से केडीए के लिए आदेश भी जारी कर दिया गया है.

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20 रुपए में मिलेगी आदेश की कॉपी

एलॉटमेंट लेटर, सीलिंग या डिमालेशन ऑर्डर आदि की कॉपी के लिए अब आपको परेशान नहीं होना पड़ेगा. इसके लिए बस आपको ऑनलाइन आवेदन कर 20 रुपए जमा करने होंगे. प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने आवेदन के 7 दिनों के अन्दर ऑर्डर की कॉपी आवेदक को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं.