मुख्यालय की टीम करेगी निगम के कार्याें की जांच

सात बिंदुओं पर होगी निगम की मॉनीटरिंग

MEERUT। नगर निगमों में फैली अराजकता और आलाधिकारियों की लापरवाही चलते शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक नही पहुंच पा रहा है। शासन करोड़ों रुपयों की योजनाएं तो जनता के लिए बनता है, लेकिन आला अधिकारी व कर्मचारी उसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा देते हैं इसी अराजकता और लापरवाही की जांच के लिए अब शासन स्तर पर मेरठ नगर निगम का मुख्यालय स्तर के आला अधिकारियों द्वारा जांच की जाएगी। इस जांच में सात प्रमुख बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय स्तर पर सुधार व बदलाव किए जाएंगे।

30 तक होगी जांच

प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में मुख्यालय की टीम द्वारा जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। 30 जून तक सभी जिलों में निर्धारित टीम द्वारा सात बिंदुओं पर सर्वेक्षण या जांच की जाएगी। 30 जून के बाद रिपोर्ट पर मंथन और निगम की स्थिति में बदलाव व सुधार किए जाएंगे। हालांकि यह टीम कब तक आएगी इसकी सूचना अभी आला अधिकारियों के पास तक नही है।

इन बिंदुओं पर होगी जांच

निगम की विभिन्न योजनाओं के लिए मिले धन के खर्च की जांच

नगर की सफाई व्यवस्था, पिंक शौचालय, सामुदायिक शौचालय के निर्माण और ओडीएफ की स्थिति

पौधरोपण की स्थिति, लक्ष्य और तैयारियां

गड्ढा मुक्त सड़कों की स्थिति

कान्हा गौशाला और शहर की सड़कों पर निराश्रित पशुओं कही स्थिति

पार्को का सौदर्यीकरण, चार दीवारी, मनोरंजन के साधन आदि की जांच

नगर निगम में स्वीकृत पदों पर भर्ती और अधिकारियों की तैनाती की स्थिति

मुख्यालय स्तर पर मीटिंग में ऐसा निर्णय लिया गया है लेकिन आदेश अभी प्राप्त नही हुआ है इसलिए कहा नही जा सकता कि कौन अधिकारी और कब तक जांच के लिए आएगा।

अमित कुमार, अपर नगरायुक्त