- डीडीयूजीयू में तीन साल में नहीं हुई कोई नीलामी, लेकिन गायब हो गए करोड़ों के कबाड़

- फाइनेंस ऑफिसर ने स्टेट ऑफिसर से तलब किया जवाब

GORAKHPUR: डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा है. कभी कार्यदायी संस्था फंड लेने के बाद काम लटका दे रही है, तो कभी काम शुरू होने से पहले ही रोड़ा अटक जा रहा है. यूनिवर्सिटी में इस बार कबाड़ का गोलमाल सामने आया है, जिसमें लाखों के कबाड़ कहां गए इसके बारे में किसी भी जिम्मेदार के पास कोई जानकारी नहीं है. रिकॉर्ड में कबाड़ का डाटा न होने से फाइनेंस ऑफिसर ने स्टेट ऑफिसर से इसको लेकर जवाब तलब किया है. उन्होंने कुछ मोहलत देते हुए सभी सामान का ब्यौरा तलब किया है.

रेनोवेशन हुआ, लेकिन कबाड़ गायब

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में पिछले तीन वर्षो में काफी रेनोवेशन वर्क हुए हैं. इसमें से कई पुरानी बिल्डिंग्स और गैर जरूरी सामानों को बाहर निकालकर उनकी जगह नए सामान लगवाए गए हैं. मगर जो सामान उन जगहों से निकाले गए हैं, जिम्मेदारों के पास उसका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है. हद तो यह हो गई है कि रिकॉर्ड मेनटेन करना तो दूर, असल में सामान कहां रखे गए हैं या हैं भी या नहीं, इसके बारे में भी जिम्मेदारों को कोई जानकारी नहीं है.

गायब हो गए सामान

यूनिवर्सिटी मेन गेट के बगल में कुछ सामान निकालकर रखे गए थे. यह सब उन बिल्डिंग्स से निकाले गए थे, जिनका रेनोवेशन हो रहा था. मगर बीते कुछ माह में धीरे-धीरे कर वह सभी सामान गायब हो गए, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी कानो-कान खबर तक नहीं हुई. अब यूनिवर्सिटी के एफओ ने जब जवाब तलब किया है, तो जिम्मेदारों की नींद टूटी है और वह अब सामानों का रिकॉर्ड मेनटेन करने में जुट गए हैं.

बॉक्स

नीलामी नहीं तो सामान कहां?

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में तीन वर्षो से वेस्ट मैटेरियल्स की नीलामी नहीं हुई है, लेकिन इसके बाद भी यहां से सामान लगातार गायब होते गए और आज हालत यह है कि काफी सामानों का कोई अता-पता नहीं है. इसको देखते हुए फाइनेंस ऑफिसर ने पहले पिछली नीलामी की डीटेल मांगी, जब उन्हें मालूम हुआ कि तीन साल पहले नीलामी की गई है, तो उन्होंने जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया कि तीन वर्षो से नीलामी क्यों नहीं हुई है? इस दौरान जो भी रेनोवेशन वर्क हुए हैं, उसमें से क्या-क्या सामान निकले हैं? निकले सामान अब कहां हैं? इनकी नीलामी कब की जाएगी? मगर एफओ के सवालों के जवाब किसी के पास नहीं हैं और जिम्मेदार अब लिस्ट मेनटेन करने में लग गए हैं.

वर्जन

यूनिवर्सिटी में पिछले तीन वर्षो से नीलामी नहीं हुई थी और इस दौरान काफी रेनोवेशन वर्क भी हुए थे. जिम्मेदारों से सभी सामानों का ब्यौरा मांगा गया है. इसके लिए उन्हें समय दिया गया है, अगर वह लिस्ट नहीं देते हैं तो फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

- बीरेंद्र चौबे, फाइनेंस ऑफिसर, डीडीयूजीयू