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KANPUR: जिनकी अंग्रेजी अच्छी नहीं है लेकिन हिन्दी फर्राटे से बोलते और लिखते हैं उनके लिए सिटी के टेक्नोक्रेट ने शब्द नगरी वेबसाइट डेवलप कर हिन्दी प्रेमियों को बसंत पंचमी की सौगात दे दी है. इसके माध्यम से अपना वेबसाइट पेज बना सकते हैं साथ साथ ही ब्लाग हिन्दी में बना सकते हैं. कानपुर के रहने वाले आईआईटियन अमितेश मिश्रा ने करिश्मा कर दिखाया है. इस वेबसाइट को डेवलप करने में 8 महीने का वक्त लगा है.

सिटी के टेक्नोक्रेट का कमाल

गीता नगर के रहने वाले अधिवक्ता एसी मिश्रा के बेटे अमितेश मिश्रा पढ़ाई में शुरू से ही मेरीटोरियस थे. अमितेश ने बताया कि दीन दयाल उपाध्याय इंटर कॉलेज से 12वीं पास होने के बाद उसका चयन आईआईटी में हो गया था. आईआईटी मुंबई से इलेक्ट्रिकल में बीटेक- एमटेक करने के बाद उसने नेशनल व मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब कर ली.

8 महीने में डेवलप की

अमितेश मिश्रा ने बताया कि कुछ अलग करने की ख्वाहिश शुरू से ही थी. जॉब करने के बाद इयर इयर 2010 में ट्राइडेंट एनालिटिकल सॉल्यूशन कंपनी बनाने पर काम शुरू किया. इयर 2012 में आईआईटी कैंपस में सिडबी की मदद से काम शुरू कर दिया. हिन्दी की वेबसाइट www.shabdanagari.in बनाने की दिशा में करीब 8 महीने से काम कर रहा था.

25 लाख हुए खर्च

इस वेबसाइट को डेवलप करने में करीब 25 लाख रुपए का खर्च आया है. बसंत पंचमी के अवसर पर पद्मश्री गिरिराज किशोर ने आईआईटी के आउटरीच आडीटोरियम में वेबसाइट को लांच किया. उनका कहना था कि शब्द नगरी के माध्यम से करोड़ों हिन्दीभाषी अब हाइटेक हो जाएंगे.

आठ लोगों की मेहनत रंग लाई

अमितेश मिश्रा के अलावा टेक्नोक्रेट नितिन त्रिपाठी, निखिल तिवारी, अंकिता गुप्ता चीफ प्रोग्रामर, अमित द्विवेदी चीफ डिजाइनर, रजत प्रताप सिंह, प्रियंका शर्मा, संजना पांडेय कस्टमर केयर ने काफी वर्क किया है. इस समय वेबसाइट का यूज करीब एक हजार लोग कर रहे हैं.