दैनिक जागरण आई नेक्स्ट एक्सक्लूसिव

- लगातार बढ़ रही ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे बोर्ड ने लिया फैसला, तीन महीने में पूरा होगा काम

- रेलवे ट्रैक के किनारे बनाए जाएंगे कैमरे को ऑपरेट करने वाले ऑपरेटिंग सेंटर, हर पल की होगी रिकॉर्डिग

kanpur। एक के बाद एक लगातार हो रही ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे बोर्ड ने 'स्पेशल सेफ्टी' प्लान तैयार किया है। इसके तहत पहले चरण में बोर्ड ने रेलवे ट्रैक की निगरानी ड्रोन से करने का फैसला लिया है। बोर्ड ने लक्ष्य रखा है कि तीन महीने के अंदर इस बिजी रेलवे रूट पर कैमरे लगा दिए जाएंगे। इसके बाद दूसरे रूटों पर ड्रोन लगाने का काम शुरू किया जाएगा। रेलवे बोर्ड के डीजीपीआर 'डायरेक्टर जनरल पब्लिक रिलेशन' अनिल सक्सेना ने बताया कि रेलवे ट्रैकों की सेफ्टी के लिए बनाए गए प्लान के तहत ड्रोन लगाने के लिए शुरुआती दौर का काम शुरू कर दिया गया है।

ट्रैक किनारे बनेंगे ऑपरेटिंग रूम

कानपुर के पास स्थित पुखरायां और रूरा में हुए ट्रेन हादसों में आतंकी कनेक्शन का मामला भी सामने आया था। जिसकी पुष्टि एटीएस भी कर चुका है। ड्रोन कैमरे लगाने के पीछे इन आतंकी गतिविधियों से भी ट्रैक को बचाना है। इसके साथ ही रेलवे बोर्ड ने ड्रोन कंपनी को हायर करने के शुरुआती कागजी काम पूरे कर लिए हैं। इनके ऑपरेटर भी कंपनी के ही होंगे। ड्रोन को ऑपरेट करने के लिए रेलवे ट्रैक किनारे आपरेटिंग सेंटर भी बनाए जाएंगे। जहां से पूरा सिस्टम ऑपरेट होगा।

बोर्ड की बैठक में फैसला

रेलवे ट्रैक सेफ्टी को लेकर बोर्ड में सीनियर ऑफिसर्स की मीटिंग की गई थी। जिसमें रेलवे ट्रैकों की ड्रोन से निगरानी करने की योजना पर मोहर लगी थी। इस योजना को लागू करने की समय सीमा तय कर दी गई है। इस साल के अंत तक यह व्यवस्था पूरे देश में पूरी तरह से लागू हो जाएगी। तीन महीने के अंदर बिजी ट्रैकों में और उसके बाद आगे पूरे ट्रैक को कवर किया जाएगा।

वर्जन

पैसेंजर्स सेफ्टी को लेकर रेलवे बोर्ड लगातार नई योजना बनाकर उसे अमल में ला रहा है। बोर्ड ने ट्रेन दुर्घटनाओं को जीरो परसेंट करने का लक्ष्य रखा है। जिसके तहत रेलवे बोर्ड ने ट्रैकों की निगरानी ड्रोन से करने का फैसला लिया है।

गौरव कृष्ण बंसल, सीपीआरओ, एनसीआर