-कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षाविद् कुमार अरुणोदय ने किया

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क्कन्ञ्जहृन्: हम थोड़ा सा एक्टिव हो जाएं तो सड़क पर घायलों की जान बचा सकते हैं. दुर्घटना के बाद घायलों को थोड़ा सा ट्रिक देकर उनके जीवन की डोर बढ़ाई जा सकती है. घायलों को देख घबराना नहीं चाहिए बल्कि उन्हें बचाने का ऑक्सीजन देना चाहिए. यह टिप्स है एनडीआरएफ के एक्सपर्ट का जो बुधवार को 9वीं बटालियन ने कृष्णा निकेतन ग‌र्ल्स हाईस्कूल ट्रांसपोर्ट नगर की छात्राओं को दिया गया. शुभारंभ कुमार अरुणोदय ने किया.

सभी को रहना होगा एक्टिव

सड़क दुर्घटना व सुरक्षा के पहलुओं पर 400 से अधिक छात्राओं और 20 से अधिक शिक्षकों को सेफ्टी टिप्स देते हुए इंस्पेक्टर अजीत कुमार सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को घटनास्थल पर तुरन्त दी जाने वाली अस्पताल पूर्व चिकित्सा- रक्तस्त्राव नियत्रंण, सपोर्ट लगाना, हृदयघात के बाद हृदय और फेफड़ों को पुनर्जीवित करने में बड़ा मददगार होता है. उन्होंने घायलों को सुरक्षित ले जाने के तरीकों के बारे में डेमोंस्ट्रेशन कर समझाया और सिखाया.

बताया बचाव का तरीका

इस दौरान बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर राकेश चौधरी, एसोसिएशन के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर राजीव आनंद, डॉक्टर अमूल्य कुमार सिंह तथा डॉक्टर प्रवीण साहू ने सड़क सुरक्षा से संबंधित कई जानकारी दी है. कृष्णा निकेतन ग‌र्ल्स हाई स्कूल पटना के डॉ कुमार अरुणोदय, उपाध्यक्ष तथा डॉ पुष्पा सिंह, प्राचार्या ने भी स्टूडेंटस को कहा कि घटना से घबराएं नहीं बल्कि घायलों की जान बचाने में आगे आएं.

ताकि खून बहने से न हो मौत

-दुर्घटना के बाद रक्त स्राव वाले स्थान पर कपड़ा लगाकर सीधा दबाव दें.

-जिस अंग से ब्लड आ रहा है उसे हार्ट से ऊपर उठाएं और उस स्थान को तेज दबाए रखें.

- अगर अंग कटकर अलग हो गया है तो कटे स्थान से 8 से 10 इंच उपर कपड़ा या रस्सी से बांध दें. ताकि अधिक खून न बहे.

- 10 से 12 मिनट बांधने के बाद ढ़ीला कर दें.

- अगर दुर्घटना के कारण हृदय घात हुआ तो रीब पर दबाव दें और मुंह से संास देकर हर्ट को एक्टिव करें.