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LUCKNOW : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट ने इसे बाबत नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी। तय हुआ कि करीब 3500 महाविद्यालयों में प्राचार्य के रिक्त पदों को भरने के लिए उनका किसी संस्थान में प्राचार्य या सह-प्राचार्य होना अनिवार्य नहीं होगा। यदि किसी का 15 साल का शिक्षण का अनुभव है और उसका रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुका है तो वह इसके लिए आवेदन कर सकता है।

55 फीसद मार्क्‍स जरूरी
हालांकि कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया है कि आवेदन के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन में न्यूनतम 55 फीसद मार्क्‍स होने जरूरी है। साथ ही उसका पीएचडी का रिसर्च पेपर प्रकाशित होना और प्रशासनिक अनुभव होना भी आवश्यक है। राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि वर्तमान में ऐसे 6500 महाविद्यालय हैं जिनमें 3500 से ज्यादा में प्राचार्य के पद रिक्त चल रहे हैं। नियमावली में संशोधन के बाद अब कोई भी जो इन शर्तों को पूरा करता हो, आवेदन कर सकता है। इससे प्राचार्यों की कमी को जल्द पूरा किया जा सकेगा।
 
ये होंगे नियम

किसी संस्थान में प्राचार्य या सह-प्राचार्य होना अनिवार्य नहीं होगा।
- 15 साल का शिक्षण का अनुभव है और रिसर्च पेपर प्रकाशित हो तो वह योग्य माना जायेगा।
- पोस्ट ग्रेजुएशन में न्यूनतम 55 फीसद मार्क्‍स होना जरूरी।
- प्रशासनिक अनुभव होना भी आवश्यक।

अन्य कैबिनेट फैसले

लखीमपुर से दुधवा तक बनेगी टू-लेन रोड
कैबिनेट ने सूबे में पर्यटन की संभावनाओं में इजाफा करने के लिए प्रमुख पर्यटक स्थलों तक जाने वाली सड़कों को दुरुस्त करने का फैसला लिया है। इसके तहत लखीमपुर खीरी से दुधवा नेशनल पार्क तक जाने वाली सड़क के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि दुधवा नेशनल पार्क तक अच्छी सड़क बनाई जाएगी ताकि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो। लखीमपुर से दुधवा नेशनल पार्क तक की 63।5 किमी लंबी सड़क का टू-लेन बनाया जाएगा। इसके निर्माण में करीब 250 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

भदोही कारपेट एक्सपो मार्ट के संचालन का फैसला
कैबिनेट ने भदोही कारपेट एक्सपो मार्ट के प्रबंधन और संचालन के लिए भी कई अहम फैसले लिए हैं। मैनेजमेंट ऑपरेशन मॉडल के तहत कंपनी का चयन खुली निविदा के आधार पर दस वर्ष के लिए किया जाएगा। कैबिनेट ने वार्षिक लीज रेंट की रिजर्व बेस प्राइस को भी हटा दिया है। चयनित एजेंसी को 50 लाख का वन टाइम प्रीमियम और दस लाख की परफार्मेंस सिक्योरिटी देनी होगी। इससे पहले दो अनिवार्य प्री-बिड कांफ्रेंस लखनऊ में आयोजित की जाएंगी। वहीं कारपोरेट एक्सपो मार्ट में निर्मित दुकानों का आवंटन सभी जनपदों के कारपेट मैन्युफैक्चरर एक्सपोर्टस को किया जाएगा। इसमें स्थानीय लोगों को वरीयता मिलेगी। वहीं इन सब कामों पर गवर्निंग कमेटी नजर रखेगी ताकि कोई मनमानी न कर सके। संचालक संस्था द्वारा अंतरराष्ट्रीय मेले अथवा एग्जीबिशन के आयोजन के बाद गवर्निंग कमेटी को प्रमाण पत्र देना जरूरी होगा।

मुजफ्फरनगर में खुलेंगे दो कृषि विज्ञान केंद्र

कैबिनेट ने मुजफ्फरनगर जिले में दो कृषि विज्ञान केंद्र खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी  है। इसके लिए सिंचाई विभाग की जमीन का उपयोग किया जाएगा। ये केंद्र खतौली और चित्तौड़ा में खोल जाने हैं।
प्रोफेशनल्स में बढ़ा प्राइमरी में टीचर बनने का क्रेज

एक ही जिले में काउंसिलिंग क्यों?

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