-तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय सम्मेलन के समापन अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रवासियों को किया सम्बोधित

बोले, सात समुंदर पार सफलता की ऊंचाइयों को छू रहे है प्रवासी

varanasi : सात समुंदर पार हमारे देश के लोग सफलता की ऊंचाई को छू रहे हैं। साथ ही अपनी माटी से जुड़कर भारत की संस्कृति, सभ्यता, कला को गले लगाए हुए हैं। आप विदेशों में भारत की पहचान हैं और आपकी उपलब्धियों पर हमको गर्व है। यह बातें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 15वें प्रवासी भारतीय दिवस के समापन पर प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा। बुधवार की शाम बड़ा लालपुर स्थित डॉ। भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में करीब तीन हजार प्रवासियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि भारत करोड़ों विचारों का देश है। यहां अपार संभावनाएं हैं। एक समय ऐसा था जब भारत ब्रेनड्रेन की समस्या से जूझ रहा था। मगर, आज वह ब्रेनगेन की स्थिति में आ पहुंचा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि भारत के बाहर अपना मान-सम्मान और कद बढ़ाने के लिए आपने जो संघर्ष यात्राएं की हैं, अब उनके परिणाम सामने आने लगे हैं।

न्यू इंडिया में सहभागी बने प्रवासी

प्रवासियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोंविद ने कहा कि भारत इन दिनों व्यापक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। इच्छा यही है कि भारत के नवनिर्माण में प्रवासी भारतीयों का भी महत्वपूर्ण किरदार हो। शिक्षा, सेहत, समाज, खेल, पर्यटन, विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, कृषि आदि सभी क्षेत्रों में जारी व्यापक परिवर्तन भारत को दुनिया में सुपरपावर के रूप में स्थापित करने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि काशी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन होना अपने आप में इसकी बड़ी विशिष्टता है। सम्मेलन के बहाने न सिर्फ उन्हें दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता के दर्शन का अवसर मिला है बल्कि वे दुनिया के सबसे दुर्लभ आयोजन कुंभ का भी हिस्सा बनेंगे। बनारस में सम्मेलन ने इसे और खास बनाया। यह आयोजन ऐसा है जिसके जरिए आप अपनी जड़ों से जुड़ते हैं और अपनों के बीच होते हैं। भारतवंशियों से अपेक्षा जताते हुए कहा कि नये भारत के निर्माण में आप सभी सहभागी बनें।

प्रवासियों के लिए पारदर्शी योजनाएं

प्रेसिडेंट ने कहा कि मॉरीशस, नॉर्वे, अमेरिका और न्यूजीलैंड आदि कई देशों में भारतीय मूल के लोग शीर्ष पदों पर विराजमान हैं। राष्ट्रपति ने दुनिया भर में फैले भारतीयों को संदेश दिया कि भविष्य में उनका भारत आना और रहना, भारत के साथ मिलजुल कर काम करना बेहद आसान होने वाला है। इसके लिए विदेश मंत्रालय ने पारदर्शी कार्ययोजना तैयार की है। इसके पूर्व बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे राष्ट्रपति का गर्वनर रामनाइक, योगी आदित्यनाथ ने बुके देकर स्वागत किया। मंच पर अतिथि में मौजूद मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द्र जगन्नाथ भी रहे। बतौर चीफ गेस्ट राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विभिन्न देशों के 30 प्रवासियों को सम्मानित भी किया।

अनुभव का मिलेगा लाभ

समारोह में अतिथियों को स्वागत करते हुए केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम की परंपरा है कि इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री एवं समापन राष्ट्रपति करते हैं। आजाद हिंद फौज के नेताजी सुभाषचंद्र बोस को नमन करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम के दौरान जो चर्चाएं एवं संवाद हुई है, उसे निरंतरता प्रदान की जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि प्रवासियों के अनुभव का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।