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VARANASI: इंग्लिश मीडियम स्कूल्स में एडमिशन को लेकर मारामारी मची हुई है। पेरेंट्स को सोर्स तक लगाना पड़ रहा है कि बच्चों का एडमिशन हो जाए। मगर बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूल्स में बच्चे लगातार कम होते जा रहे हैं। हाल यह है कि डिस्ट्रिक्ट के 114 स्कूल्स में छात्रसंख्या 50 से भी कम है। इन स्कूल्स में बच्चों का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे विद्यालयों के प्रभारियों को नामांकन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

शारदा भी हो गई है फेल

परिषदीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए हर साल 'स्कूल चलो अभियान' चलाया जाता है। राइट- टू-एजुकेशन के तहत छह से 14 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों का शतप्रतिशत नामांकन कराने के लिए 'शारदा' नामक अभियान चलाया जा रहा है। वहीं शिक्षा, दोपहर का भोजन, पाठ्य पुस्तकें, ड्रेस मुफ्त देने के बावजूद कई विद्यालयों में छात्रसंख्या नहीं बढ़ पा रही है। परिषदीय विद्यालयों में 30 सितंबर 2018 में 184646 बच्चे रजिस्टर्ड थे। वर्तमान में छात्र नामांकन घटकर 160000 पहुंच गई है। इस प्रकार वर्तमान सत्र में करीब 24000 बच्चे कम हो गए हैं। बीएसए ने सभी विद्यालयों को अभियान चला कर नामांकन बढ़ाने का निर्देश दिया है।

5936 अध्यापक नियुक्ति

जनपद के परिषदीय विद्यालयों में अध्यापकों की कमी नहीं है। 1374 विद्यालयों में 5936 अध्यापक नियुक्ति हैं। अध्यापकों की योग्यता में भी कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद सरकारी विद्यालयों में छात्रसंख्या कम होना चिंताजनक है।

छात्र-शिक्षक अनुपात गड़बड़

अध्यापकों की तैनाती को लेकर परिषदीय विद्यालयों में छात्र-अध्यापक के अनुपात में अब भी विसंगति बनी है। कुछ स्कूल्स में 100 से कम छात्र संख्या होने के बावजूद आठ से दस अध्यापक तैनात हैं। वही कुछ विद्यालयों में महज एक या दो अध्यापक हैं।

विद्यालयों की संख्या

1014

प्राथमिक विद्यालय

360

पूर्व माध्यमिक विद्यालय

1374

कुल विद्यालय

50

से कम बच्चे वाले विद्यालयों की संख्या

66

प्राथमिक विद्यालय

78

पूर्व माध्यमिक विद्यालय

114

कुल विद्यालय

यह भी जाने

2018

में परिषदीय स्कूल में 184646 बच्चे रजिस्टर्ड है

2019

में छात्र नामांकन घटकर 160000 पहुंच गई है।

24000

बच्चे वर्तमान सत्र में कम हो गए हैं

परिषदीय विद्यालयों में छात्रसंख्या बढ़ाने के लिए निर्देश दिया गया है। अभियान चलाकर बच्चों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

जय सिंह, बीएसए