मंगलवार को कोर्ट हुए थे हाजिर हुए डीएम, एसपी क्राइम और सीएमओ

अफसरों की ओर से दाखिल हलफनामे की याची अधिवक्ता ने खोली पोल

कहा कि रेड लाइट एरिया में बाहर से लगे ताले और भीतर चल रहे कोठे

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MEERUT : मेरठ के रेड लाइट एरिया को पूरी तरह से बंद करने और सेक्स वर्कर के पुनर्रुद्धार का झूठा हलफनामा दाखिल कर आला अधिकारी फंस गए। कोर्ट में हाजिर हुए डीएम अनिल ढींगरा, एसपी क्राइम डॉ। बीपी अशोक और सीएमओ डॉ। राजकुमार ने हलफनामा देकर कहा कि वहां अब कोई देह व्यापार नहीं चल रहा है, जिस पर याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता सुनील चौधरी ने कोर्ट में ही अधिकारियों के झूठ से परदा हटा दिया। मीडिया रिपोर्ट को आधार बनाकर अधिवक्ता ने कहा कि दरवाजों पर बाहर से ताला लगा दिया गया है और भीतर कोठे संचालित हो रहे हैं। इस पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई और अधिकारियों को बुधवार को फिर तलब किया।

मेरठ के अधिकारियों की पेशी

याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता ने कोर्ट को उन मीडिया रिपोर्ट्स की जानकारी दी जिसमें रेड लाइट एरिया में घरों के दरवाजों पर बाहर से ताला लगा दिया गया है, भीतर सेक्स वर्कर मौजूद हैं। यहां तक कि कोठे भी संचालित हो रहे हैं। अधिवक्ता के मुताबिक कोर्ट ने अधिकारियों के हलफनामे पर असंतोष जताया। कहा कि तत्कालीन सीएमओ की रिपोर्ट पर अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की है। साथ ही मेरठ से आए अधिकारियों को बुधवार को फिर तलब किया है। वहीं कोर्ट ने अप्रैल, मई, जून 2018 में रेड लाइट एरिया में निशुल्क गर्भनिरोधक बांटे जाने पर भी सवाल खड़ा किया। कोर्ट ने पूछा कि जब यहां देह व्यापार नहीं चल रहा तो इतनी बड़ी संख्या में गर्भ निरोधक क्यों?

कबाड़ी बाजार पहुंचे अधिकारी

हाईकोर्ट से मिली फटकार के बाद अधिकारियों ने अधीनस्थों की क्लास ले ली। जिसपर मंगलवार शाम पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने एक बार फिर कबाड़ी बाजार का रुख किया। तय किया गया कि वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और पुलिस पिकेट 24 घंटे मौजूद रहेगी। अनैतिक कार्य होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का अमला घंटाघर से सराफा बाजार होते हुए कबाड़ी बाजार पहुंचा। नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार पाण्डेय, अपर नगर मजिस्ट्रेट अमिताभ यादव, सीओ ब्रह्मापुरी चक्रपाणि त्रिपाठी व सीओ कोतवाली दिनेश कुमार शुक्ला ने दल-बल के साथ गश्त की। तमाम कोठों पर ताले लगे मिले। कोठों के नीचे दुकान चलाने वालों से भी पूछताछ की।

जारी रहेगा अभियान

भले ही कोठों पर ताले लगे हों, लेकिन उनके अंदर महिलाओं और लड़कियों के छिपे होने की आशंका है। मंगलवार देर रात तक अधिकारी कोठों पर रेस्क्यू करने के लिए योजना बनाते रहे, परंतु खुलकर कोई बोलने को तैयार नहीं हुआ। बुधवार (आज) एक बार फिर अभियान चलाने पर तय हुआ। हालांकि, सीओ कोतवाली दिनेश कुमार शुक्ला ने कहा कि हाईकोर्ट के जो भी आदेश होंगे उनका पालन किया जाएगा। वहीं एसपी सिटी डॉ। अखिलेश नरायण सिंह ने बताया कि समय-समय पर कबाड़ी बाजार में चेकिंग चलती रही। उसी योजना के तहत मंगलवार को भी गश्त की गई।