-डीएम व एसएसपी ने एक लड़की समेत चार कर्मचारियों को किया जांच एजेंसी के हवाले

Gorakhpur@inext.co.in
GORAKHPUR: देवरिया बालिका गृह के कांड के बाद गोरखपुर में दूसरे दिन मंगलवार को भी जिला प्रशासन के अधिकारी हरकत में दिखे. संस्थानों की जांच की और कुछ जगहों से लोगों को शिफ्ट भी किया गया. इस दौरान अवैध रूप से चल रहे रानीडीहा स्थित मां विंध्यवासिनी वृद्ध आश्रम को सील कर दिया. डीएम और एसएसपी समेत एडीएम ने एक लड़की को देवरिया जांच टीम को सौंप दिया. वहीं, आश्रम में कार्यरत चार कर्मचारियों से पूछताछ कर देवरिया पुलिस के हवाले कर दिया गया. पांच वृद्ध महिलाओं को जिला महिला चिकित्सालय में मेडिकल चेकअप कराकर मोहरीपुर स्थित केयर डील संस्था में शिफ्ट किया गया. वहीं, डीएम ने जिला प्रोबेशन कार्यालय में तैनात विधि सह प्रवीक्षा अधिकारी के पद पर तैनात कनक लता त्रिपाठी के खिलाफ भी जांच कर एक से दो दिनों में कार्रवाई की जाएगी.

13 लोगों ने 12 घंटे में की कार्रवाई
देवरिया शेल्टर होम कांड ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है. इसे देखकर गोरखपुर डीएम के विजयेंद्र ने 13 सदस्यीय टीम का गठन कर दिया. इन 13 सदस्यीय मजिस्ट्रेट की टीम ने ताबतोड़ जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी शेल्टर होम का सरप्राइज निरीक्षण किया. वहीं, प्रोगेसिव एजेंसी ह्यूमटी पथ, बी सेक्टर 13, गीडा में कोई नहीं मिला. यह संस्था कागजों में मिला. इसकी रिपोर्ट प्रशासनिक अधिकारियों को की गई.

17 कमरों में 88 किशोर
सहजनवा सहायक चकबंदी अधिकारी महेंद्र ने सूरजकुंड स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का निरीक्षण किया. इसमें 17 कमरों में 188 अपचारी किशोर निरुद्ध पाए गए. जबकि, क्षमता 50 बच्चों की है. राजकीय महिला शरणालय में 80 संवासिनियां मिली. संस्था का भवन जर्जर मिला.

नहीं था आसरा में कौशल विकास का प्रशिक्षण
कैंपियरगंज लोहपुरवा के आसरा में एसडीएम कैंपियरगंज विनोद कुमार सिंह ने जांच की. इस दौरान कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था ठीक नहीं पाई गई.

निरीक्षण में गायब थी नर्स
सोनइचा चौराहा स्थित सरस्वती सेवा संस्थान की जांच में 11 कर्मचारियों में से सिर्फ छह कर्मचारी ही मौजूद मिले. स्वास्थ्य एवं चिकित्सा नर्स देवरिया गई थी

अपना घर में नहीं थे बच्चा
चिल्ड्रेन ऑफ मदर अर्थ (सीओएमई) अपना घर की जांच में अधिकारी को बच्चे नहीं मिले. खुद को संस्था का को-ऑर्डिनेटर बताने वाले दीपक ने बताया कि बच्चे बच्चियां नहीं है.

ब्लैक लिस्टेड मां विंध्यवासिनी वृद्ध आश्रम से पांच वृद्ध महिलाओं का मेडिकल परीक्षण कराकर उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है. ब्लैक लिस्टेड शेल्टर होम को सीज कर दिया गया है.
सरबजीत सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला प्रोबेशन कार्यालय