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PATNA : अब बच्चों के लिए माता-पिता की सेवा करना अनिवार्य होगा। माता-पिता की शिकायत पर सेवा नहीं करने वाले बच्चों पर कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को बिहार सरकार की कैबिनेट की बैठक में इसके साथ-साथ कई अहम निर्णयों पर मुख्यमंत्री की मुहर लगी। इसी के साथ कैबिनेट ने सीएम वृद्धा पेंशन योजना को अब राइट टू सर्विस एक्ट में शामिल करने का निर्णय भी लिया।

डीएम करेंगे सुनवाई
समाज कल्याण विभाग के एक प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल ने 2007 में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम में संशोधन किया है। पहले बच्चों द्वारा प्रताडि़त किए जाने वाले माता-पिता को न्याय के लिए जिलों के परिवार न्यायालय में अपील करनी होती थी। जहां सुनवाई प्रधान न्यायाधीश के स्तर पर होती थी। अब माता-पिता जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित अपील अधिकरण में अपील करेंगे। डीएम ही मामले की सुनवाई करेंगे।

4 सौ मिलती है वृद्धा पेंशन
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि एक अप्रैल 2019 के प्रभाव से लागू की गई वृद्धजन पेंशन योजना के आवेदनों को अब लटका कर नहीं रखा जा सकेगा। किसी भी बुजुर्ग द्वारा दिए गए आवेदन का निपटारा प्रखंड विकास पदाधिकारी को 21 दिनों के अंदर करना होगा। वृद्धजन पेंशन योजना को सरकार ने राइट टू सर्विस एक्ट 2011 के दायरे में ला दिया है। योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गो को चार सौ रुपये और 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गो को पांच सौ रुपये मासिक पेंशन दी जानी है।