RANCHI: राजधानी के कई इलाकों में सूखे पेड़ हादसों को दावत दे रहे हैं. ये पेड़ अगर गिरे तो आदमी का बच पाना भी मुश्किल है. इसके बावजूद इन पेड़ों को काटने को लेकर रांची नगर निगम गंभीर नहीं है. जबकि इन पेड़ों को काटने के लिए नई मशीन मंगाने की भी बात कही गई थी. लेकिन चार महीने बाद भी इन सूखे पेड़ों को काटा नहीं गया है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या रांची नगर निगम के अधिकारियों को किसी हादसे का इंतजार है?

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पहाड़ी मंदिर

पहाड़ी मंदिर जाने वाले रास्ते में ही सालों से एक पेड़ सूखा हुआ है. इसे लेकर आसपास के लोगों ने कंप्लेन भी की. इसके बाद पेड़ काटने का आर्डर भी हुआ. लेकिन कुछ दिनों बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया.

रिम्स रोड

कोकर से रिम्स जाने वाले रोड में दो सालों से सूखा हुआ पेड़ पड़ा है. कई बार इसकी डाली गिरने से लोग घायल भी हो चुके हैं. पेड़ को काटने को लेकर बोर्ड मीटिंग में भी मामला उठा. अब इस पेड़ की ओर किसी का ध्यान नहीं है.

पुरुलिया रोड

सदर हॉस्पिटल के बाहर रोड किनारे पेड़ सूख गया है. महीनों से सूखे इस पेड़ के नीचे ही दर्जनों आटो खड़े रहते हैं. वहीं हर दिन हजारों स्टूडेंट्स भी यहां से गुजरते हैं. ऐसे में हादसा हो जाए तो न जाने कितनी जान चली जाएंगी.

चर्च रोड

कर्बला चौक से बहू बाजार जाने वाली सड़क के किनारे पेड़ की हालत काफी खराब है. इस पेड़ के नीचे ही सब्जी बाजार लगता है. जिसे हटाने को लेकर लोगों ने भी कंप्लेन की. पर महीनों बाद भी कोई देखने तक नहीं आया.

वर्जन

पेड़ काटने के लिए हमने वन विभाग को कहा है. अभी बारिश के कारण काम रुका हुआ है. जैसे ही बारिश खत्म होगी सूखे पेड़ों को काटने का काम किया जाएगा.

आशा लकड़ा, मेयर, रांची