इंफोग्राफिक्स

28 फरवरी 2019 तक उपलब्ध व्हीकल

- 22 लाख पुरानी गाडि़यों की संख्या

- 11 लाख 55 हजार 450 बाइक

- 4 लाख 60 हजार 600 स्कूटर

- 2 लाख 99 हजार 620 कार

- 1 लाख कॉमर्शियल व्हीकल

- 1 लाख में व्हीकल (ऑटो, टेम्पो, ट्रैक्टर, जीप)

- अक्टूबर से नंबर प्लेट बदलने की होगी शुरुआत

- इसके लिए वाहन स्वामी को देना होगा शुल्क

sanjeev.pandey@inext.co.in

LUCKNOW: नए वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की तस्वीर साफ हो चुकी है। इसके साथ ही परिवहन विभाग अब पूरे प्रदेश के सभी पुराने वाहनों पर भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की तैयारी कर रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, तकरीबन छह माह बाद ही पुराने वाहनों पर भी नई हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा। फिलहाल यह नंबर प्लेट भी डीलर ही बदलेंगे। हालांकि नंबर प्लेट के लिए वाहन मालिक को कीमत चुकानी होगी। कीमत को लेकर फिलहाल मंथन वल रहा है।

मिलेगा छह महीने का टाइम

वाहनों की सेफ्टी को देखते हुए एक अप्रैल के बाद निर्मित नए वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। नए वाहनों के साथ पुराने वाहनों में भी इसको लेकर कार्य योजना तैयार की जा रही है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगने के बाद वारदातों और हादसों पर लगाम लगाई जा सकेगी। शहर में इस समय तकरीबन 20 लाख से अधिक वाहन आरटीओ ऑफिस में रजिस्टर्ड हैं। सभी से अपील की जाएगी कि वे अपने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाएं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए आदेश जारी करने के बाद वाहन मालिकों को तीन से छह महीने का समय दिया जाएगा। इसके बाद जिन वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं मिलेगी, तो उनके खिलाफ चालान किया जाएगा।

फोर व्हीलर वेहिकल की फीस 350 रुपये

पुराने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की भी जिम्मेदारी डीलरों को देने की तैयारी है। वे अपने वर्कशॉप में पुराने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का काम करेंगे। इसके लिए वह वाहन मालिक से शुल्क लेंगे। यह शुल्क चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए अलग-अलग हो सकता है। दो पहिया वाहनों से तकरीबन 250 रुपए और चार पहिया वाहन मालिकों से तकरीबन 350 रुपए शुल्क वसूला जा सकता है। अभी इस पर निर्णय होना बाकी है।

कोट

पुराने वाहनों में भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य की जाएगी। अक्टूबर तक इसका आदेश जारी किया जाएगा। अभी इसे नए वाहनों के लिए ही अनिवार्य किया गया है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगने से कई फायदे भी होंगे।

धीरज साहू

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर

परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश

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यह होगा फायदा

क्रोमियम होलोग्राम वाले हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट में दस डिजिट का यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित होगा। इस नंबर के चलते किसी भी हादसे या किसी भी घटना को अंजाम देने पर वाहन और इसकेमालिक के बारे में तमाम जानकारियां आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की डुप्लीकेट नहीं बन सकेगी। नंबर प्लेट पर एक तरफ आईएनडी लिखा होगा। क्रोमियम प्लेटेड नंबर और इंबॉस होने के कारण रात में कैमरे इसे अंधेरे में भी इसे रीड कर सकेंगे। ऐसे में रात में भी इन वाहनों पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी।