डीएम के आदेश पर डॉक्टरों से मांगा गया शपथ पत्र
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ALLAHABAD: सरकारी डॉक्टर्स अब बाहर की दवा नहीं लिखेंगे। डीएम के आदेश पर सीएमओ ने सभी डॉक्टर्स से इस बाबत शपथ पत्र मांग लिया है। इसके बाद भी वह मार्केट की दवा लिखते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है। इस बीच सीएमओ के इस आदेश पर विभागीय डॉक्टरों में खलबली मची हुई है।

242 डॉक्टरों को देना है शपथ पत्र
स्वास्थ्य विभाग के 242 डॉक्टरों को शपथ पत्र सौंपना है। इनमें शहरी हॉस्पिटल्स के अलावा सीएचसी-पीएचसी का स्टाफ भी शामिल है। बताया जा रहा है कि तेजी से शपथ पत्र जमा कराए जा रहे हैं। अगर जल्द ही आदेश का पालन नहीं हुआ तो सीएमओ की ओर से रिमाइंडर भी भेजा जाएगा। बता दें कि दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट ने इस संबंध में खबर पब्लिश कर सरकारी डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाएं लिखने का मामला उठाया था। जिसको प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

लगातार मिल रही थीं शिकायतें
लोग लगातार प्रशासन से शिकायत कर रहे थे। उनका कहना था कि सरकारी दवाएं होने के बावजूद डॉक्टरों द्वारा बाजार की दवाएं लिखी जा रही हैं। इससे उनका नुकसान हो रहा है। इस पर डीएम ने सख्ती दिखाते हुए सीएमओ को शपथ पत्र लेने के आदेश दिए। जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के पास सभी बीमारियों के लिए 108 दवाओं की सूची मौजूद है। जिनमें से 90 दवाएं स्टाक में उपलब्ध हैं।

निगरानी में पकड़े गए तो खैर नही
शपथ पत्र लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग इसकी लगातार मॉनीटरिंग करेगा। अगर इसके बाद भी लोगों की शिकायत आती है तो फिर जांच कराई जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर निलंबन के साथ एफआईआर दर्ज कराने तक की कार्रवाई हो सकती है। शपथ पत्र में डॉक्टरों ने स्वीकार किया है कि पकड़े जाने पर उन पर एक्शन लिया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी दी है सफाई
प्रशासन के कड़ाई बरतने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी अपना पक्ष रखा है। अधिकारियों का कहना है कि 11 ऐसे स्वास्थ्य केंद्र हैं जहां आसपास एक भी मेडिकल स्टोर नहीं है। कुछ ऐसे केंद्र भी हैं जिनके आसपास प्राइवेट हॉस्पिटल मौजूद हैं, जिनके नजदीक मेडिकल स्टोर संचालित हैं। ऐसे में सरकारी डॉक्टर्स पर बाहर की दवा लिखने में पूरी तरह इनवॉल्व नहीं है।

वर्जन

सभी डॉक्टर्स से शपथ पत्र मांगा गया है। डीएम साहब ने इस मामले में कड़ाई बरतने के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि किसी भी हाल में सरकारी हॉस्पिटल में बाहर की दवाएं नही लिखी जानी चाहिए।

-डॉ। सत्येंद्र राय, एसीएमओ, स्वास्थ्य विभाग