एफआईआर दर्ज होने के बाद भी नौकरी कर रहा इंस्पेक्टर

रेलवे द्वारा आरपीएफ इंस्पेक्टर के खिलाफ नहीं की गई कार्रवाई

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ALLAHABAD: एनसीआर हेडक्वार्टर पर तैनात आरपीएफ इंस्पेक्टर संजय पांडेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लखनऊ सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने लाखों रुपए की अघोषित संपत्ति का पता लगाया है. मंगलवार को इंस्पेक्टर के आवास पर की गई छापेमारी में कई महत्वपूर्ण कागजात के साथ 14 लाख रुपए कैश बरामद किए गए हैं. बावजूद इसके आरपीएफ अफसरों ने इंस्पेक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. वह सीबीआई की कार्रवाई के बाद भी बेधड़क नौकरी कर रहा है.

देखते ही देखते बन गया कुबेर

आरपीएफ इंस्पेक्टर संजय पांडेय के ऊपर रेलवे में नौकरी के दौरान लाखों, करोड़ों रुपए की सपंत्ति बनाने का आरोप है. जांच कर रही सीबीआई लखनऊ की क्राइम ब्रांच टीम ने इंस्पेक्टर के दस वर्ष की सम्पत्ति का ब्यौरा जुटाया है. इसके अनुसार दस वर्ष में 57.63 लाख रुपए आय करने वाले इंस्पेक्टर ने 73.23 लाख रुपए खर्च किए हैं. वहीं 70.41 लाख की अलग संपत्ति भी बनाई है. मंगलवार को देर रात तक हुई छापेमारी और पूछताछ के बाद बुधवार को आरपीएफ इंस्पेक्टर संजय पांडेय रोज की तरह अपने ऑफिस पहुंचा. ऑफिस में पहले की भांति ही काम करता रहा. आरपीएफ द्वारा संबंधित इंस्पेक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

सीबीआई की एंटी करप्शन टीम आरपीएफ इंस्पेक्टर संजय पांडेय के खिलाफ ऑफिशियली कोई डॉक्यूमेंट देगी या कम्युनिकेट करेगी, इसके बाद ही जो भी विभागीय कार्रवाई होगी की जाएगी.

गौरव कृष्ण बंसल, सीपीआरओ, एनसीआर

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वर्षो का ब्योरा सीबीआई की जांच टीम ने किया कलेक्ट

57.63

लाख रुपए दस वर्ष में इंस्पेक्टर ने आय किया

73.23

लाख रुपए दस वर्ष में इंस्पेक्टर ने खर्च किए हैं

70.41

लाख की अलग संपत्ति भी बनाई है