कानपुर। आमतौर पर एक टेस्ट मैच पांच दिन तक चलता है। दोनों टीमों मैच जीतने के लिए दिनभर मेहनत करती हैं, कभी-कभी तो परिणाम निकल आता है मगर कई बार मैच ड्राॅ भी रहता है। ऐसे में क्रिकेट फैंस का टेस्ट के प्रति लगाव कम रहता है। ऐसे में आईसीसी ने फटाफट खत्म होने वाले वनडे और टी-20 मैच बनाए जो कुछ घंटों के ही होते हैं। मगर कभी सोचा है अगर एक टेस्ट मैच ही पांच घंटे में खत्म हो जाए, तो क्या होगा। ऐसा हुआ था साल 1932 में, जब साउथ अफ्रीकी टीम पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने ऑस्ट्रेलिया गई थी। पांचवां मैच मेलबर्न में खेला गया जो लगभग 5 घंटे 53 मिनट में खत्म हो गया। दरअसल मैच तो तीन दिन में खत्म हुआ मगर दोनों टीमें मैदान में सिर्फ कुछ घंटे ही खेलीं।

36 रन पर ऑलआउट हुई पूरी टीम
इस टेस्ट की शुरुआत साउथ अफ्रीका की खराब बैटिंग के साथ हुई। अफ्रीकी कप्तान ने टाॅस जीतकर पहले बैटिंग का निर्णय लिया जोकि गलत साबित हुआ। कप्तान कैमरन को छोड़ टीम का कोई भी बल्लेबाज पिच पर ज्यादा देर टिक नहीं सका। पूरी टीम 36 रन पर ढेर हो गई। अफ्रीका की तरफ से सबसे ज्यादा 11 रन कप्तान ने बनाए। वहीं बाकी 9 बल्लेबाज दहाई का अंक भी नहीं छू सके। तीन बल्लेबाज तो बिना खाता खोले लौटे वहीं तीन ने सिर्फ एक-एक रन बनाए। अफ्रीकी बल्लेबाजों की इस खस्ता हाल की वजह कंगारु गेंदबाज नेश और आयरनमोंगर रहे जिन्होंने क्रमशः 4 और 5 विकेट लिए।

ऑस्ट्रेलियाई टीम भी लड़खड़ाई
अफ्रीका द्वारा बनाए 36 रन के जवाब में कंगारु टीम भी कुछ खास नहीं कर सकी। अफ्रीकी गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को 153 रन पर समेट दिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सबसे ज्यादा 42 रन केपेक्स ने बनाए। चार बल्लेबाज तो दहाई का अंक भी नहीं छू पाए। साउथ अफ्रीका की तरफ से बेन, क्विन और मैकमिलन ने तीन-तीन विकेट लिए।

अफ्रीकी टीम फिर हुई ढेर
ऑस्ट्रेलिया को सस्ते में आउट करने के बाद साउथ अफ्रीका को लगा कि वह दूसरी पारी में बड़ा स्कोर खड़ा कर कंगारुओं पर दबाव बना लेंगे, मगर ऐसा हो न सका। इस बार भी अफ्रीकी बल्लेबाजों का बुरा हाल रहा। पूरी टीम 45 रन पर सिमट गई। और ऑस्ट्रेलिया ने ये मैच पारी और 72 रन से अपने नाम किया।

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