-सूर्यकुंड धाम में पेड़ गिरने से मटेलू की मौत

-45 वर्षीय अशोक को लगी गंभीर चोट

GORAKHPUR: सरकारी विभागों में आपसी तालमेल की कमी के कारण रक्षाबंधन के दिन मटेलू (27) को उसकी बहनों ने हमेशा के लिए खो दिया. सूर्यकुंड धाम में एक सूखे पेड़ के गिरने के कारण रविवार को दो लोग घायल हो गए. सर पर चोट लगने के कारण एक की मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद भी काफी देर तक कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा तो स्थानीय नागरिकों ने फोन करके 100 नम्बर पर इसकी सूचना दी. जिसके बाद पहुंची पुलिस ने घायल को इलाज के लिए और मृतक को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया. गौरतलब है कि दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने 6 जुलाई के अंक में 'शहर में सौ जगह खड़े हैं यमराज' हेडिंग से खबर प्रकाशित कर सूर्यकुंड धाम के सूखे पेड़ सहित ऐसे पेड़ों से संभावित दुर्घटना को लेकर प्रशासन को चेताया था. लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. यदि समय रहते प्रशासन को होश आ जाता तो आज मटेलू के कलाई पर भी बहन की राखी सजी होती.

8 महीनों से अटकी शिकायत

सूरजकुंड धाम के सूखे पेड़ का एक हिस्सा पिछले साल भी गिर गया था, जिससे कैंपस की दीवार गिर गई थी. हालांकि कोई घायल नहीं हुआ था. इसके बाद सूर्यकुंड धाम जीर्णोद्धार समिति के अमरदीप गुप्ता ने दिसम्बर 2017 को आईजीआरएस पोर्टल पर इसकी शिकायत की. वन विभाग ने पहले निगम का स्वामित्व होने के कारण उससे अनुमति के लिए मूल्यांकन पत्र भेजा. फिर नगर निगम की ओर से रिपोर्ट लगाई गई कि जेई ने व्यक्तिगत निरीक्षण के बाद काटने के लिए संबंधित को निर्देशित कर दिया है. इसके बाद मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने रिपोर्ट लगाया कि प्रकरण का संबंध नगर निगम से नहीं है. 19 अप्रैल 2018 को नगर आयुक्त की ओर से फिर रिपोर्ट लगी कि पेड़ कटवाने के लिए नीलामी की कार्यवाही की जा रही है. लेकिन यह कार्यवाही हकीकत का रूप ले इससे पहले पेड़ गिर गया.

वन विभाग व नगर निगम में उलझा मामला

नगर निगम व वन विभाग में यदि तालमेल होता तो शायद यह घटना नहीं घटती. नगर निगम कहता है कि पेड़ हम लगाते हैं लेकिन उन्हें काटने का काम वन विभाग करता है. हमारे पास यदि कोई शिकायत आती है तो हम उन्हीं को रेफर कर देते हैं. यदि वन विभाग किसी तरह का सहयोग मांगता है तो हम करते हैं. वहीं वन विभाग कहता है कि नगर निगम के एरिया में जब तक निगम की ओर से हमें जर्जर हो चुके पेड़ों की सूची नहीं मिलती है, हम कार्यवाही नहीं कर सकते हैं.

कोट-

दिसम्बर 2017 में शिकायत के बाद भी इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई. मृतक को मुआवजा व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्यवाही होनी चाहिए.

अमरदीप गुप्ता, उपाध्यक्ष सूर्यकुंड धाम जीर्णोद्धार समिति

वर्जन-

नगर निगम अपने एरिया में आने वाली शिकायतों पर कार्यवाही करता है. पेड़ काटने के लिए यदि वन विभाग हमसे कोई सहयोग मांगता तो हम जरूर करते.

प्रेम प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त